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पंजाब में मिलावटी शराब से अगर हुई मौत तो दोषी को मिलेगी मौत की सजा, कानून में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी

Tue, 02 Mar 2021 12:17 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सांकेतिक तस्वीर।
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अवैध और मिलावटी शराब से मौत होने पर दोषियों को उम्रकैद से लेकर मौत तक की सजा दी जा सकेगी। इसके लिए पंजाब आबकारी एक्ट, 1914 में धारा 61-ए दर्ज करने और धारा 61 और 63 में संशोधन करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही विधानसभा के जारी बजट सत्र में बिल लाने की स्वीकृति भी दे दी है। इसके अवैध या मिलावटी शराब का कारोबार अब गैर जमानती अपराध होगा। प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह फैसला जुलाई 2020 में अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन में हुई घटनाओं के मद्देनजर लिया गया है।

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दोषियों के लिए अब यह होगा सजा का प्रावधान

  • जो भी व्यक्ति तैयार की या बेची गई शराब में किसी भी किस्म के हानिकारक या पदार्थ मिलाता है या मिलाने की अनुमति देता है, वह सजा का हकदार होगा।
  • व्यक्ति की मौत होने की सूरत में ऐसे दोषी को मौत या उम्रकैद की सजा देने के साथ 20 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
  • अपाहिज या गंभीर हालत की स्थिति में दोषी को कम से कम छह साल से उम्रकैद तक की सजा और 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
  • इसी तरह किसी अन्य गंभीर नुकसान पहुंचने की स्थिति में दोषी को एक साल तक की कैद और पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
  • किसी तरह का नुकसान न होने के मामले में दोषी को छह महीने तक की कैद और 2.50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
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दोषी को ही देना होगा पीड़ित के परिवार को मुआवजा

मंत्रिमंडल ने आबकारी एक्ट में संशोधन कर नकली शराब तैयार करने और बेचने वाले व्यक्ति से पीड़ितों के परिवारों को मुआवजा दिलाने की व्यवस्था भी की है।

धारा 61 -ए (2) (ब) के अनुसार, यदि अदालत को लगता है कि व्यक्ति की मौत या गंभीर हालत किसी जगह बेची गई शराब के सेवन के साथ हुई है तो शराब के निर्माता और विक्रेता की तरफ से मुआवजे के तौर पर प्रत्येक मृतक के कानूनी वारिसों को कम से कम पांच लाख रुपये, गंभीर नुकसान के मामले में कम से कम तीन लाख रुपये या अन्य नुकसान के मामले में पीड़ित को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दे सकती है। 

इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि उसे अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है या नहीं। यह व्यवस्था भी की गई है कि जहां शराब एक लाइसेंसशुदा ठेके से बेची जाती है तो इसके अंतर्गत मुआवजा देने की जिम्मेदारी लाइसेंस धारक व्यक्ति की होगी। जब तक इस धारा के अधीन अदालत में अदा योग्य रकम का भुगतान नहीं हो जाता, दोषी द्वारा कोई अपील दायर नहीं की जा सकेगी।

शराब के अवैध आयात-निर्यात पर भी कसा शिकंजा
स्पिरीट की नेचर में किसी तरह की तबदीली या तबदीली की कोशिश के अपराध के लिए एक्ट की धाराओं में कैद की मियाद एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने और जुर्माने की राशि 1000 रुपये से 10,000 करने के लिए धारा 63 में भी संशोधन किया गया है। इसी तरह मंत्रिमंडल ने किसी नशीले पदार्थ के गैरकानूनी आयात, निर्यात, यातायात, निर्माण, कब्जे आदि के लिए कैद की मियाद तीन साल से बढ़ाकर पांच साल करने के लिए धारा 61 (1) में संशोधन करने की भी मंजूरी दी है।

विदेशी शराब की सीमा 90 बल्क लीटर से 27 बल्क लीटर तक कर दी गई है। अब से कोई भी व्यक्ति बिना ड्यूटी अदा किए गैरकानूनी ढंग से 90 बल्क लीटर से अधिक किसी भी विदेशी शराब आयात, निर्यात या ढुलाई करता है तो उसे कम से कम दो साल की कैद और कम से कम दो लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा।
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