-आईपीएस एचएस भुल्लर से पहले भी कई अधिकारी भी हो चुके हैं गिरफ्तार
-सरकारी अधिकारियों के खिलाफ बढ़ रहीं शिकायतें, सीबीआई भी कर रही जांच
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राजिंद्र शर्मा
चंडीगढ़। भ्रष्टाचार का दीमक पंजाब में सिस्टम को लगातार खोखला कर रहा है। पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद जांच में कई बड़े अधिकारियों के शामिल होने की बात सामने आई है। इससे यह बात तो स्पष्ट है कि पंजाब में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। ऐसी बात नहीं है कि राज्य सरकार कार्रवाई नहीं कर रही लेकिन भुल्लर प्रकरण में सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब विजिलेंस पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं। यही कारण है कि सरकार को बड़े स्तर पर विजिलेंस में फेरबदल भी करना पड़ा।
भुल्लर पहले अधिकारी नहीं हैं जो भ्रष्टाचार की गिरफ्त में आए हैं। इससे पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में कई बड़े अधिकारी पकड़े जा चुके हैं। सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं और सरकार के सामने इस पर लगाम लगाना सबसे बड़ी चुनौती है। पंजाब सरकार भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का दावा करती है। सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं जिसके कुछ अच्छे नतीजे भी मिले हैं। पंजाब सरकार ने एंटी करप्शन हेल्पलाइन जारी की है। इस सबके बावजूद सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। सीबीआई ने 16 अक्तूबर को डीआईजी एचएस भुल्लर को मंडी गोबिंदगढ़ में स्क्रैप डीलर आकाश बत्ता से 8 लाख रुपये रिश्वत लेने की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनके ठिकानों पर की गई तलाशी में 7.5 करोड़ रुपये नकद, 2.5 किलो सोना, और 26 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं थी। भुल्लर के पकड़े जाने के बाद ही सरकारी अधिकारियों के भ्रष्टाचार के लिप्त होने को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए थे। भुल्लर से पहले भी कई अधिकारियों पर भ्रष्टाचार को लेकर एक्शन हो चुका है।
विवादों में रहे प्रमुख अधिकारी :
-इंदरबीर सिंह: पंजाब विजिलेंस ने फिरोजपुर के तत्कालीन डीआईजी इंदरबीर सिंह को रिश्वत लेने के केस में नामजद किया था। इंदरबीर वर्तमान में आर्म्ड पुलिस जालंधर में तैनात हैं। उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है लेकिन उनके खिलाफ डीएसपी लखबीर सिंह सरकारी गवाह बन चुके हैं। डीएसपी ने आरोप लगाया कि डीआईजी ने 10 लाख रुपये की रिश्वत ली थी। भिखीविंड पुलिस ने 20 जून 2022 को नशा तस्कर को काबू किया था। उससे पूछताछ में कई पुलिस अधिकारियों का नाम सामने आए। फिर भिखीविंड पुलिस ने 6 जुलाई 2022 को डीएसपी लखबीर संधू को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में फिरोजपुर के तत्कालीन डीआईजी इंदरबीर सिंह का नाम सामने आने पर विजिलेंस ने कार्रवाई की थी।
-आशीष कपूर: एआईजी आशीष कपूर पर वर्ष 2018 में जालसाजी और धोखाधड़ी केस में दो महिलाओं को राहत देने के बदले उनसे चेक साइन करवाकर एक करोड़ रुपये बैंक से निकलवाने के आरोप में मामला दर्ज हुआ था। कपूर के अलावा डीएसपी पवन कुमार और एएसआई हरजिंदर सिंह पर भी एफआईआर दर्ज हुई थी। विजिलेंस ने 6 अक्तूबर, 2022 को कपूर को गिरफ्तार किया था। कपूर पर एक महिला से दुष्कर्म और जबरन उगाही का आरोप भी है। ईडी ने उनकी 1.29 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति जब्त की है जो कथित रूप से अपराध से प्राप्त संपत्ति मानी जा रही है।
-प्रदीप कुमार यादव: आईजी प्रदीप कुमार यादव पर विजिलेंस ब्यूरो ने करप्शन का केस दर्ज किया था जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन है। उन पर एक केस में 20 लाख रुपये की रिश्वत वसूलने का आरोप है। बाबा दयाल दास हत्याकांड में घटना के समय ही मोगा के गांव कपूरे के रहने वाले संत जरनैल दास को बतौर मुख्य आरोपी नामजद किया गया था जिसे पुलिस ने जांच के आधार क्लीन चिट दे दी थी। शिकायतकर्ता बाबा गगन दास के पैरवी करने पर आईजी फरीदकोट रहे प्रदीप कुमार यादव ने एसपी गगनेश कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी बनाई, जिसमें डीएसपी सुशील कुमार व एसआई खेमचंद पराशर को भी शामिल किया गया। तीनों अधिकारियों पर हत्याकांड के मुख्य आरोपी जनरैल दास को दोबारा केस में नामजद करवाने के लिए शिकायतकर्ता गगन दास से आईजी के नाम पर 50 लाख की रिश्वत मांगने को आरोप है। आरोपों के मुताबिक डरा धमकाकर 20 लाख रुपये वसूल भी किए गए।
-संजय पोपली: संजय पोपली पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वह पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने नवांशहर में सीवर पाइपलाइन टेंडर के लिए एक ठेकेदार से बिल क्लियरेंस के नाम पर 1 % की रिश्वत मांगी थी। इस प्रकार मामला आईएएस अधिकारी पर टेंडर-रिश्वत के आरोप का उदाहरण है।
दो साल में 43 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
प्रदेश में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें बढ़ रही है। इसका अंदाजा यहीं से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2020 से 2022 तक पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार की शिकायत पर 321 ट्रैप लगाए थे और इस दौरान 23 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ दबिश दी गई थी। इसी तरह वर्ष 2023 से 31 अगस्त 2025 तक ट्रैप की संख्या बढ़कर कुल 506 हो गई हैं और इस दौरान 43 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। अब अगर वर्ष 2025 की बात की जाए तो अगस्त माह तक विजिलेंस ब्यूरो ने कुल 142 ट्रैप लगाए है जिनमें 15 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ है। इससे पहले फरवरी माह में सरकार ने भ्रष्टाचार व अन्य मामलों को लेकर सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। पहले सरकार ने विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर को पद से हटा दिया है। साथ ही मुक्तसर के डीसी राजेश त्रिपाठी को निलंबित भी कर दिया था।
52 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया
पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों में इस वर्ष 52 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त भी किया गया जिसमें एक इंस्पेक्टर, पांच एएसआई, चार हेड कांस्टेबल और 42 कांस्टेबल शामिल थे। सरकार तहसीलों में तैनात उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी भी कर रही है, जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें आ रही हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9501200200 कर सकते हैं शिकायत
पंजाब सरकार ने वर्ष 2022 में भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन नंबर 9501200200 जारी किया था। लोगों से अपील की थी कि भ्रष्टाचार के खिलाफ इस नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस पर सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। हेल्पलाइन नंबर जारी करते हुए सीएम भगवंत मान ने एलान किया था कि उनका मंत्री, विधायक, अधिकारी व सरकारी मुलाजिम रिश्वत लेता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सरकार विजिलेंस अवेयरनेस वीक भी मना रही है जिसके तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी कार्यालयों में भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
उच्च स्तर पर सख्ती करने की जरूरत : एपी पांंडेय
पंजाब के पूर्व डीजीपी एपी पांडेय ने कहा कि सरकार चाहे तो कुछ भी कर सकती है। भ्रष्टाचार को लेकर उच्च स्तर पर सख्ती करने की जरूरत है क्योंकि भ्रष्टाचार का खेल ऊपर से लेकर नीचे तक चलता है। अगर उच्च स्तर पर अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं होंगे तो निचले स्तर पर भी अधिकारियोें व कर्मचारियों की भ्रष्टाचार करने की हिम्मत नहीं होगी। भ्र्रष्टाचार काफी समय से चल रहा है और इस पर रोक लगाने के लिए सख्ती करने की जरूरत है। सिर्फ एक अधिकारी के पकड़े जाने से यह खत्म नहीं होने वाले है। पूरे गठजोड़ को खत्म करना जरूरी है।
कोट
भ्रष्टाचार के मामले में नामजद कोई भी व्यक्ति चाहे किसी भी पद पर हो, उसका बिल्कुल साथ नहीं दिया जाएगा। हर तरह की रिश्वतखोरी के खिलाफ सरकार की तरफ से सख्त कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग जारी है। पंजाब सरकार ने डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को निलंबित कर दिया है। गृह विभाग ने यह कार्रवाई की है।
-भगवंत मान,
मुख्यमंत्री, पंजाब।