गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर इस बार पंजाब की संस्कृति और धरोहर पर आधारित झांकी दिखाई जाएगी। पिछली बार पंजाब की झांकी रद्द कर दी गई थी। यह झांकी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान पर आधारित थी। इस पर केंद्र और पंजाब के बीच काफी विवाद हुआ था, यहां तक कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए विरोध किया था।
सीएम मान ने बीते गणतंत्र दिवस पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम में पंजाब की झांकी को दिखाया था। इस झांकी को प्रदेश के हर जिले में स्कूली विद्यार्थियों और लोगों को दिखाया गया था। इस बार 26 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के अलावा बिहार, दादर एवं नगर हवेली, दमन एवं द्वीप, गोवा, झारखंड, कनार्टक, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की झांकियां पेश की जाएंगी।
झांकी में दिखाई पंजाब की विरासत
इस बार केंद्र ने पंजाब की झांकी को शामिल किया है। यह झांकी पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, परंपराओं और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाएगी। सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस बार पंजाब की झांकी में अपनी जीवंत और रंगीन प्रस्तुति के अलावा राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को उकेरा जाएगा। इसमें सिख विरासत, भंगड़ा, गिद्दा, कृषि परंपराएं और स्वर्ण मंदिर जैसे धार्मिक एवं सद्भाव के प्रतीक पेश किए जाएंगे।