पिछले दिनों हुई बीबीएमबी की बैठक से यह विवाद शुरू हुआ। बैठक में हरियाणा ने अपने अधिकतर हिस्सों में पानी की किल्लत का हवाला देते हुए 8500 क्यूसेक पानी देने की मांग रखी। सीएम नायब सैनी ने भी पंजाब सीएम के समक्ष मुद्दा उठाते हुए कहा था कि पहले भी हरियाणा को मई और जून माह में 9500 क्यूसेक पानी दिया जाता था। इस पर पंजाब के सीएम ने कहा कि हरियाणा को मानवता के आधार पर 4 हजार क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इससे ज्यादा पानी नहीं देंगे, क्योंकि हरियाणा पहले ही अपने हिस्से से ज्यादा 103 फीसदी पानी इस्तेमाल कर चुका है।