उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह वीरवार को दिल्ली में राहुल गांधी से मिले थे। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में कैप्टन के साथ पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ और पंजाब मामलों की प्रभारी आशा कुमारी भी मौजूद रहीं। इस बैठक में कैप्टन ने मंत्री बनाए जाने वाले विधायकों की सूची राहुल गांधी को सौंपी, जिस पर बैठक में ही विचार-विमर्श हुआ। फिर शुक्रवार दोपहर करीब एक घंटे तक चली बैठक में नए मंत्रियों को तुरंत शपथ दिलाने का फैसला लेते हुए सभी के नामों का एलान कर दिया गया। बैठक में 29 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर भी चर्चा हुई।
सभी को उनकी क्षमता, ताकत और वरिष्ठता देखकर चुना : कैप्टन
कप्तान अमरिंदर ने कहा कि उन्होंने नए मंत्रियों के बारे में अपनी सिफारिश पार्टी आलाकमान को वीरवार की बैठक में सौंप दी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट का विस्तार सरकार में गतिशीलता को बढ़ावा देगा, क्योंकि राज्य के लगभग 40 विभागों का वर्कलोड अब उनके सहित 18 सदस्यों के बीच विभाजित होगा।
उन्होंने कहा कि मंत्रियों को उनकी क्षमता, ताकत, वरिष्ठता के साथ-साथ उनके क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए चुना गया है। सभी नए चुने गए विधायकों के लिए मंत्री के रूप में यह उनका पहला कार्यकाल होगा लेकिन ये सभी विधायक अनुभवी हैं।