रोहतक की सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बेअदबी मामलों की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने डेरा प्रमुख को बाकी दोनों घटनाओं पावन स्वरूप की बेअदबी करने व विवादित पोस्टर लगाने में भी नामजद कर लिया है और इन दोनों घटनाओं में भी राम रहीम के खिलाफ एसआईटी ने फरीदकोट अदालत में पूरक चालान पेश कर दिया है।
अदालत ने डेरा प्रमुख को चार मई 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंस से पेश होने का आदेश दिया। बता दें कि बरगाड़ी बेअदबी मामले में कुल तीन घटनाएं सामने आई थीं। सबसे पहले एक जून 2015 को बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरूद्वारा साहिब से पावन स्वरूप चोरी किया गया था और 24 सितंबर 2015 को इसी गुरूद्वारा साहिब के बाहर विवादित पोस्टर लगाकर बेअदबी करने की धमकी दी गई थी।
कुछ समय बाद 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी के गुरूद्वारा साहिब के बाहर पावन स्वरूप की बेअदबी की गई थी। इन घटनाओं के संबंध में थाना बाजाखाना में क्रमवार एफआईआर नंबर 63, 117 व 128 दर्ज है। इन तीनों घटनाओं में पंजाब पुलिस की एसआईटी ने डेरा सच्चा सौदा (सिरसा) के अनुयायियों को गिरफ्तार किया था और पावन स्वरूप चोरी केस (एफआईआर नंबर 63) में डेरा प्रमुख समेत डेरा की राष्ट्रीय कमेटी के तीन सदस्य भी नामजद हैं। इस केस में डेरा प्रमुख से सुनारिया जेल में पूछताछ भी की जा चुकी है। अब एसआईटी ने डेरा प्रमुख को बाकी दो घटनाओं (एफआईआर नंबर 117 व 128) में भी नामजद किया और अदालत में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया है। डेरे की राष्ट्रीय कमेटी के तीनों सदस्य पहले ही तीनों मामलों में नामजद हैं और भगोड़े चल रहे हैं।
बहिबल गोलीकांड केस की सुनवाई 12 अप्रैल तक स्थगित
बहिबल गोलीकांड केस की शुक्रवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय से राहत के चलते केस में चार्जशीट पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी हाजिर नहीं हुए जबकि एक अन्य आरोपी निलंबित आईजी परमराज सिंह उमरानंगल ने भी हाजिरी माफ करवाई। केस के बाकी आरोपी पूर्व एसएसपी चरनजीत सिंह शर्मा, एसपी बिक्रमजीत सिंह, तत्कालीन एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार समेत सुहेल सिंह बराड़ व पंकज बांसल हाजिर रहे। सुनवाई के बाद अदालत ने केस की अगली तारीख 12 अप्रैल तय कर दी है।