लुधियाना से फतेहगढ़ मार्ग के बीच सात सड़कों की खस्ता पड़ी हालत का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है।
फतेहगढ़ निवासी राजेंद्र सिंह ने स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों के सुस्त रवैये की दलील देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है।
याचिका में कहा गया है कि इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर का काम पूरा होने के साथ ही इसके फंड भी जारी हो चुके हैं, इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो रहा।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित खंडपीठ ने इस मामले पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
याचिका में कहा गया है कि सुलाना दुला सिंह वाला से लेकर रतनपुर, शाहपुर अमलोह से सलाना दारा सिंह वाला, गलवडी सलाना से सलाना दारा सिंह, जसरां से छतरपुर दाना मंडी, छतरपुर से कुंब कुंबरा, कुंब से कुंबरा और खन्ना से अमरोह रोड की हालत खराब है, इससे पूरा सड़क नेटवर्क बाधित हो रहा है।
याचिकाकर्ता ने कहा कि इन मुख्य सड़कों से कई अस्पताल और कई शिक्षण संस्थान जुड़े हैं। इसके बाद भी सरकार द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे रोगियों का जीवन और छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
चीफ जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस अरुण पल्ली ने इस मामले में पंजाब सरकार को नोटिस ऑफ मोशन जारी कर 22 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के निर्देश जारी किए है।