करोड़ों रुपये के कथित पोस्ट मैट्रिक वजीफा घोटाले की जांच काफी विचित्र स्थिति में है। समाज कल्याण विभाग के एसीएस अपनी शिकायत मुख्य सचिव को सौंपने के बाद से अब तक अपने कार्यालय ही नहीं आए हैं। उधर, विभाग के मंत्री साधू सिंह धर्मसोत जिन पर कथित घोटाले के आरोप लगाए गए हैं, पूरे विश्वास से साथ एलान कर रहे हैं कि वे हर तरह की जांच के लिए तैयार हैं क्योंकि वे बेकसूर हैं।
दूसरी तरफ जांच कर रहे तीन अधिकारियों की कमेटी हर रोज मीटिंग करती है और चर्चा करती है, लेकिन अब तक घोटाले के आरोपों संबंधी डाटा वाले दस्तावेज उन तक नहीं पहुंचे हैं। कमेटी ने समाज कल्याण विभाग के निदेशक से संबंधित डाटा के दस्तावेज मांगे हैं, जो अब तक कमेटी को नहीं मिले हैं। ऐसे में कमेटी की समस्या यह है कि वह जांच कहां से शुरू करे।
शिकायत पत्र के आधार पर अगर एसीएस और मंत्री को बुलाया जाए तो उनसे किन दस्तावेजों के आधार पर बात की जाए, क्योंकि सबसे पहले शिकायत पत्र की सत्यता जानना जरूरी है, जो दस्तावेजों से ही साबित हो सकती है। कमेटी को मुख्य सचिव ने तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा था जिसकी अवधि गत शनिवार को समाप्त हो चुकी है।
कमेटी के एक अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों के आधार पर ही उन बैंक खातों की भी जांच करनी होगी, जिनसे कथित पैसे की निकासी हुई है और यह पैसा किन बैंक खातों में ट्रांसफर हुआ है, उन संस्थानों या व्यक्तियों से भी पूछताछ जरूरी होगी। फिर भी अधिकारी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि यह जांच अगले हफ्ते तक पूरी हो जाएगी।