वहीं सोनी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने टीचरों के तबादले की सूची 4 जून को भेजी थी, जिस पर डायरी नंबर 6 जून का दिखाया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के नोटिफिकेशन की फाइल 6 जून से पहले पास कर दी गई थी इसलिए नोटिफिकेशन पर अब सवाल उठाना गलत है। सोनी का कहना है कि शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी के कारण यह सारी गड़बड़ हुई है।
उन्होंने कहा कि सिंगला ने अभी-अभी कामकाज संभाला है और उन्हें शिक्षा विभाग के अफसरों की मनमानी का पता नहीं है। इस मामले में भी अफसरों ने 4 जून को दिए गए आदेशों की फाइल 6 जून को नए मंत्री के सामने रखकर उस पर रोक लगवाई है।
उधर, सिंगला का कहना है कि उन्होंने सोनी द्वारा की गई तबादलों की सिफारिश वाली फाइल मुख्यमंत्री के पास भेज दी है। फिलहाल तबादलों की इस सिफारिश पर रोक लगा दी गई है। सिंगला का कहना है कि ऑनलाइन तबादलों की पॉलिसी स्वयं सोनी ही लेकर आए थे, इसलिए अब आखिरी फैसला मुख्यमंत्री ही लेंगे।