निगरानी के साथ ही सुरक्षा जोन भी अब हेडक्वार्टर से जेलों में लाए जाएंगे, ताकि ए-कैटेगरी के अपराधियों को वहां रखा जा सके। रंधावा ने बताया कि गैंगस्टरों को नियमित तौर पर एक से दूसरी जेल में बदला जाएगा, जिससे उनके पक्के ठिकाने को तोड़ा जा सके और वे नापाक गठजोड़ न बना सकें। जेल मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को मोहाली में चप्पड़चिड़ी के नजदीक जेल विभाग का हेडक्वार्टर बनाने के लिए जमीन की शिनाख्त करने को कहा।
इस मौके पर एडीजीपी (जेल) रोहित चौधरी ने बताया कि जेलों में निगरानी पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने जेल मंत्री को बताया कि उन्होंने पदभार संभालने के बाद स्वयं जेलों का दौरा करके सुरक्षा प्रबंधों और कैदियों को मुहैया सहूलतों का जायजा लिया है। इस मौके पर जेल मंत्री ने बेहतर सेवा निभाने वाले जेल विभाग के 11 अधिकारियों /कर्मचारियों को प्रशंसा पत्र प्रदान किए। मीटिंग में आईजी (जेल) आरके अरोड़ा, डीआईजी (जेल) लखविंदर सिंह जाखड़ भी उपस्थित थे।
25 साल नौकरी कर चुके कर्मियों को एक तरक्की
रंधावा ने जेल विभाग के कर्मचारियों की पूरी ईमानदारी से काम करने की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक तरफ पदोन्नति की प्रक्रिया तेज की जा रही है और दूसरी तरफ एक महीने में 210 जेल वार्डन और 57 मैटरनस भर्ती किये जाएंगे। उन्होंने यह भी फैसला किया कि 25 वर्ष सेवाएं निभाने वाले जेल कर्मचारियों और सेवा मुक्ति में एक वर्ष या इससे कम समय की सेवा रहने वाले योग्य कर्मचारियों को एक ओहदे की तरक्की दी जाए। उन्होंने जेल के स्टाफ को ईनाम देने संबंधी भी बताया और कहा कि यह उन सभी साथियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी जो अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।