इस पर उन्हें 12 लाख रुपये और दिए गए। 18 मार्च को गोपी को दिल्ली ले जाया गया। 20 मार्च को एजेंटों ने गोपी के व्हाट्सएप पर फ्लाइट की टिकट भेज दी। टिकटों पर अमेरिका के बजाय ग्रीस लिखा था। पूछने पर एजेंट सुरजीत ने कहा कि अमेरिका की सीधे फ्लाइट नहीं मिल रही। कुछ घंटे स्पेन में ठहरना होगा। ग्रीस में पांच दिन रखने के बाद एजेंटों ने गोपी को स्पेन भेज दिया।
फिर 27 मार्च को मैक्सिको एयरपोर्ट पर ले गए। 28 मार्च को गोपी का फोन आया कि उसे अमेरिका नहीं भेजा गया है। उसे मैक्सिको में जंगलों में कैद रखा गया है। बाकी पैसे मांगे गए। फिर चार अप्रैल को एक लाख रुपये आरोपियों के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। 24.75 लाख एजेंट ले चुके थे।
फिर भी गोपी की फ्लाइट नहीं करवाई और एक हफ्ते बाद गोपी का फोन आया कि वह अमेरिका की कासा ग्रैंड जेल बंद है। एजेंट ने सीधा अमेरिका भेजने के बजाय गैर-कानूनी ढंग से दीवार फंदवा दी, जिसे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने पकड़ कर जेल में डाल दिया। डीएसपी सरवन सिंह बल और एसएचओ सरबजीत सिंह ने कहा कि युवक अमेरिका की जेल में सवा साल से बंद है। आरोपी एजेंट घर से फरार है। रेड की जा रही है।