फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में रोडवेज का चक्का जाम: पनबस और पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन हड़ताल पर, यात्री परेशान

Wed, 20 Sep 2023 12:06 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)

सार

रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी के ठेका आधारित अस्थायी कर्मचारी पक्का करने समेत अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। मगर सरकार उन्हें पक्का करने की ओर ध्यान नहीं दे रही। इसके रोष स्वरूप बुधवार को चक्का जाम कर बस स्टैंड डिपो पर मुलाजिमों ने धरना लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 
विज्ञापन
मुक्तसर में नारेबाजी करते कांट्रेक्ट कर्मी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन ने बुधवार को पंजाब में बसों का चक्का जाम कर दिया। मुक्तसर डिपो पर 105 में से करीब 70 बसों का चक्का जाम रहा। करीब 35 बसें लेकर स्थायी कर्मचारी अपने गंतव्य की ओर निकले। निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बसें भी चलती रहीं। ज्यादातर रोडवेज बसों के चक्का जाम से यात्री खासकर महिलाएं परेशान नजर आ रही थीं, क्योंकि महिलाएं मुफ्त बस सफर का लाभ न ले सकीं और निजी ट्रांसपोर्ट की बसों में उन्हें किराया भरकर सफर करना पड़ा। 
विज्ञापन


रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी के ठेका आधारित अस्थायी कर्मचारी पक्का करने समेत अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। मगर सरकार उन्हें पक्का करने की ओर ध्यान नहीं दे रही। इसके रोष स्वरूप बुधवार को चक्का जाम कर बस स्टैंड डिपो पर मुलाजिमों ने धरना लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 

यह भी पढ़ें: महिला आरक्षण बिल: कानून बना तो पंजाब से छह महिलाओं का संसद पहुंचना तय, विधानसभा में भी 39 को मिलेगा टिकट
विज्ञापन


इस दौरान प्रदेश सरपरस्त कमल कुमार ने कहा कि अस्थायी मुलाजिम लंबे समय से मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। मगर सरकार व मैनेजमेंट हर बार उन्हें लिखित में आश्वासन देकर फिर से मुकर जाती है। हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। सरकार हर बार उन्हें पक्का करने का वादा करती है, मगर आज तक वादा वफा न कर सकी। मुलाजिमों को जान-बूझकर संघर्ष के रास्ते चलने पर मजबूर किया जा रहा है। 
विज्ञापन


प्रदेश नेता गुरप्रीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि मुलाजिम इतनी महंगाई के दौर में नाममात्र वेतन पर कार्य कर रहे हैं। मगर सरकार व सरकार के मंत्री बार-बार समय देकर मीटिंगें करने से भाग जाते हैं। इस मौके बड़ी गिनती में रोडवेज मुलाजिम धरने में शामिल रहे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें