पंजाब राज्य बिजली रेगुलेटरी कमीशन (पीएसईआरसी) की ओर से सोमवार को वर्ष 2017-18 के लिए नए बिजली टैरिफ की घोषणा किए जाने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐलान किया कि उनकी सरकार कैबिनेट की ओर से दी गई मंज़ूरी के अनुसार उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मुहैया करवाएगी।
घरेलू दरों में पीएसईआरसी द्वारा की गई वृद्धि के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली पैदा करने और वितरण की लागत में हुए वृद्धि के मद्देनजर मामूली बढ़ोतरी जरूरी थी। उन्होंने कहा कि बिजली की उपभोग की घरेलू दरों पिछले तीन वर्षो से एक ही थे। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि के बावजूद पंजाब में घरेलू बिजली दरें हिमाचल प्रदेश को छोड़ कर सभी पड़ोसी राज्यों से कम हैं।
मुख्यमंत्री ने बिजली सचिव और पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटड (पीएसपीसीएल) के चेयरमैन को दो-खंडीय दरों से पैदा होने वाली उलझनों का जायजा लेने और 1 नवंबर से उद्योग को 5 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली देने के लिए संबंधित विभाग को सलाह देने के निर्देश दिए हैं क्योंकि इसकी स्वीकृति पहले ही राज्य मंत्रिमंडल द्वारा दी जा चुकी है।
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मुख्यमंत्री ने 17 अक्तूबर को नोटिफाई की गई ‘उद्योग एवं बिजनस विकास नीति-2017’ के अधीन आगामी 5 वर्ष के लिए उद्योग को 5 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली मुहैया करवाने की वचनबद्धता दोहराई और कहा है कि उनकी सरकार इस बात को यकीनी बनाएगी कि इस संबंधी वायदे को हर हाल में पूरा किया जाये। मुख्यमंत्री के इस ऐलान के साथ ही उद्योगों को 5 रुपये प्रति यूनिट बिजली मुहैया करवाने संबंधी सभी शंकाओं पर पूर्ण विराम लगा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली एक्ट, 2003 की व्यवस्था के अधीन सभी श्रेणियों के लिए बिजली दरें निर्धारित करने का अधिकार भले ही कमीशन का है लेकिन सरकार सूबे के बिजली खपतकारों से किए वायदे को पूरा करना यकीनी बनाएगी। उन्होंने वर्ष 2017-18 के लिए पीएसईआरसी द्वारा बिजली दरों के जारी नोटिफिकेशन के संदर्भ में यह बात कही। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार कृषि, उद्योग, अनुसूचित जातियों, पिछड़ीं श्रेणियों और गरीबी की रेखा से नीचे रहने वाले घरेलू खपतकारों सहित विभिन्न श्रेणियों से अपने वायदे पूरे करने के लिए पीएसपीसीएल को अपेक्षित सब्सिडी मुहैया कराएगी।