कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि देश भर से सभी किसान संगठनों के नुमाइंदे दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब पूरे देश के किसानों का है न कि अकेले पंजाब के किसानों का। कैप्टन ने तरनतारन निवासी एक व्यक्ति की इस बात पर सहमति जताई कि केंद्र अहंकारी है और कृषि कानूनों से किसानों पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे नहीं सोच रही।
तरनतारन निवासी ने पूछा कि इस मुल्क में लोकतंत्र नहीं रहा तो कैप्टन ने जवाब दिया कि ‘आपको यह बात केंद्र सरकार को कहनी चाहिए कि भारत अब एक लोकतांत्रिक मुल्क नहीं रहा।’ मुख्यमंत्री इस बात से सहमत हुए कि जब किसान जिनके लिए यह कानून बनाए हैं अगर वही यह कानून नहीं चाहते तो इनको रद्द क्यों नहीं किया जाता। उन्होंने कहा, ‘यह मानवता के विरुद्ध है।’ उन्होंने कहा कि किसानों को 1966 से एमएसपी मिल रही है और कांग्रेस ने इसकी शुरुआत की थी।
एनआईए के नोटिस के बारे में गृह मंत्री को लिखेंगे पत्र : कैप्टन
कुछ किसानों और किसान आंदोलन के समर्थकों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नोटिस भेजे जाने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने न्यूजीलैंड पंजाबी वीकली के समाचार संपादक से कहा कि यह गलत कदम है और वह जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्री को इस मामले में पत्र लिखेंगे। उन्होंने कहा कि यहां तक कि खालसा एड, जो वैश्विक स्तर पर काम करता है, को भी नहीं बक्शा गया। उन्होंने कहा, ‘पंजाबियों को प्यार के साथ मनाएं और मान लेंगे.... आप लाठी उठाओगे, वह भी लाठी उठा लेंगे।’
राजपुरा के गरीब बुजुर्ग से संपर्क के निर्देश
एक शिकायत पटियाला जिले से एक पंचायत सदस्य की तरफ से उनके गांव के नजदीक बड़े स्तर पर नकली दूध के उत्पादन की थी। कैप्टन ने कहा कि विभाग इसकी जांच करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पठानकोट जिले के गांव खडवार में गैर-कानूनी शराब की सप्लाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इसकी जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को आदेश दे रहे हैं। कैप्टन ने अपने कार्यालय को राजपुरा के गरीब बुजुर्ग और दिव्यांग नानक सिंह से संपर्क करने को कहा। नानक सिंह को मदद की सख्त जरूरत होने का जिक्र एक सवालकर्ता ने किया था।