पुलिस स्टेशन के क्षेत्र व आकार के आधार पर जरूरी संख्या में अतिरिक्त गश्त पार्टियां लगाई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर फायर विभाग से तालमेल कर फायर टेंडरों की तैनाती की जाएगी। सभी जिलों में पुलिस किसानों, नागरिकों और विभिन्न लोगों को पराली जलाने के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करेगी।
पंजाब पुलिस अब अपराधियों व नशा तस्करों से निपटने के साथ ही पराली जलाने वालों पर भी शिकंजा कसेगी। पराली जलाने वालों पर निगरानी रखने के लिए स्पेशल डीजीपी कानून व व्यवस्था पुलिस को नोडल अफसर नियुक्त किया गया है।
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वहीं, थानों में तैनात एसएचओ अपने अधिकार क्षेत्र में निजी तौर पर गश्त कर पराली जलाने की घटनाओं को तुरंत रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। सभी जिलों को सेक्टरों में बांटा जाएगा, सेक्टर के इंचार्ज के रूप में गजटेड अफसर तैनात किए जाएंगे। यह आदेश डीजीपी गौरव यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये राज्यस्तरीय कानून-व्यवस्था की समीक्षा मीटिंग में पुलिस अधिकारियों को दिए।
पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में सिविल प्रशासन के सीनियर अफसर पहले से ही मोर्चा संभाले हुए हैं। डीजीपी ने मीटिंग में इस मामले को गंभीरता से उठाया। उन्होंने पराली जलाने की घटनाओं को तुरंत रोकने के लिए सिविल प्रशासन के साथ मिलकर काम करने की जरूरत पर जोर देते हुए सारे सीपीजी, एसएसपी का जिला मजिस्ट्रेटों से रोजाना बैठक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एक व्यापक रणनीति बनाने की हिदायत दी है।
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पुलिस स्टेशन के क्षेत्र व आकार के आधार पर जरूरी संख्या में अतिरिक्त गश्त पार्टियां लगाई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर फायर विभाग से तालमेल कर फायर टेंडरों की तैनाती की जाएगी। सभी जिलों में पुलिस किसानों, नागरिकों और विभिन्न लोगों को पराली जलाने के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करेगी।
गौरतलब है कि पराली जलाना कानूनी अपराध है। नियम तोड़ने पर सरकार द्वारा कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पराली जलाने वाले किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज करने के साथ ही लोगों पर जुर्माना तक लगाया जा रहा है। गत दिवस पर नंबरदार को इस वजह से सस्पेंड किया गया है।