पंजाब पुलिस अब बरामद नशीले पदार्थ की कीमत का दावा नहीं कर सकेगी। एडिशनल डीजीपी- कम- एसटीएफ प्रमुख ने जिला पुलिस मुखियाओं को बरामद नशीले पदार्थ की कीमत बताने पर पाबंदी लगा दी है। मामले को लेकर सभी जिलों के एसएसपी को पत्र जारी कर दिए गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि पुलिस अधिकारी और कर्मी आरोपियों के पास से बरामद नशीले पदार्थ के बारे में यह स्टेटमेंट जारी करते हैं कि बरामद माल की मार्केट में यह कीमत है। जबकि ऐसा कम ही होता है कि पुलिस की ओर से किया गया दावा सही हो। यही वजह है कि कई लोगों के मन में यह भ्रम पैदा होता है कि नशे के अवैध कारोबार में काफी लाभ है। वे इस ओर खींचे चले आते हैं।
पत्र के मुताबिक ऐसी सूचना या दावा आम लोगों में गलत तस्वीर पेश करता है। नशे की बरामदी की कीमत सार्वजनिक करने से पुलिस की कोई योग्यता सिद्ध नहीं होती, न ही इससे पुलिस की छवि प्रभावशाली बनती है। इस तर्क के साथ पत्र के जरिये कहा गया है कि बरामद नशे की कीमत का अनावश्यक आकलन करेंसी के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।