पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला द्वारा एके 47 चलाए जाने के मामले में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई की गई। यहां पटियाला रेंज के आईजी जतिंदर सिंह औलख ने हाईकोर्ट को बताया कि धनौला और संगरूर के धुरी में दर्ज दोनों एफआईआर में अब आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत जांच ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के एसपी स्तर के अधिकारी द्वारा की जा रही है।
हाईकोर्ट ने इस याचिका का निपटारा कर दिया है। चीफ जस्टिस रवि शंकर झा एवं जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने इस जानकारी के बाद कहा कि अब जब मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं जोड़ी जा चुकी है और निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है तो इस मामले में अब हाईकोर्ट के दखल की जरुरत नहीं है।
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बता दें कि एडवोकेट रवि जोशी ने याचिका में बताया था कि गायक सिद्धू मुसेवाला द्वारा एके 47 चलाए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्जकर की लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। जोशी ने याचिका में बताया है कि डीजीपी के आदेश के बाद बरनाला के धनौला पुलिस थाने में चार मई को धारा 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 51 के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
इस एफआईआर में आर्म्स एक्ट की धारा को जोड़ा ही नहीं गया है। रवि जोशी ने कहा था कि एक ओर न सिर्फ पंजाब में बल्कि पूरे देश में कोरोना के कारण कर्फ्यृ और लॉकडाउन है और आम लोगों पर पुलिस ने कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई हैं, वहीं कुछ खास लोगों को पुलिस स्पेशल ट्रीटमेंट दे रही है। सिद्धू मूसेवाला को खुद एके 47 सौंप दी गई है। इसके दोषी अधिकारियों पर सिर्फ विभागीय कार्रवाई ही काफी नहीं है, बल्कि इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए।