पंजाब पुलिस की एसआईटी द्वारा बहिबल कलां गोलीकांड की जांच में खुलासा किया गया है कि है कि उस दिन पुलिस के फायरिंग करने के बाद ही आंदोलनकर्ता भड़के थे। घटना वाले दिन धरना स्थल पर जैतो के नायब तहसीलदार प्रितपाल सिंह बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात थे, लेकिन पुलिस ने धरनाकारियों पर बल प्रयोग करने से पहले उनसे इजाजत नहीं ली।
घटना को लेकर आरोपी पुलिस अधिकारी तर्क देते रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला किया था, जिसके बचाव में फायरिंग करनी पड़ी। अब एसआईटी की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि उस दिन पुलिस के फायरिंग करने के बाद ही आंदोलनकर्ता भड़के थे।
बहिबल कलां गोलीकांड बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित है। इसकी जांच और कार्रवाई कराने के लिए गठित की गई एसआईटी द्वारा मोगा के तत्कालीन एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा को गिरफ्तार किया जा चुका है। वह पटियाला जेल में बंद है। पूर्व एसएसपी के जमानत मांगने का विरोध करते हुए एसआईटी ने अदालत में दाखिल रिपोर्ट में कई अहम खुलासे किए हैं।
एसआईटी के पास घटना वाले दिन बहिबल कलां में घायल हुए एएसआई सुरिंदर कुमार ने अपना बयान दर्ज करवाया है। एएसआई के मुताबिक, पुलिस के फायरिंग करने की वजह से प्रदर्शनकारी भड़के थे। उस समय वह अपनी गाड़ी पर चढ़ते समय गिरने से घायल हो गए थे। एसआईटी ने उसके बयान को धारा 164 के तहत फरीदकोट अदालत में दर्ज करवा दिया है।