भुलत्थ में पैराशूट उम्मीदवार उतारने पर भड़के कांग्रेसी
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भुलत्थ कांग्रेस में पैराशूट प्रत्याशी को लेकर पनपे विवाद में नया मोड़ आ गया है। नडाला में कपूरथला विधायक की मौजूदगी में कांग्रेसियों में गाली-गलौच, कुर्सियां चलाने और टिकट के दावेदार की पगड़ी उछलने के मामले में पुलिस ने विधायक समेत तीन कांग्रेसियों पर गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
थाना सुभानपुर की पुलिस को दी शिकायत में कांग्रेसी नेता कुलविंदर सिंह बब्बल पुत्र स्वर्ण सिंह निवासी गांव बल्लां, टांडा जिला होशियारपुर ने बताया कि 25 दिसंबर की सुबह दलजीत सिंह नडाला ने उसे फोन करके बताया कि विधायक कपूरथला राणा गुरजीत सिंह की अध्यक्षता एक विशेष बैठक शाम छह बजे अवतार सिंह वालिया के घर में की जा रही है। इसमें उन्हें शामिल होने के लिए कहा गया।
उन्होंने बैठक का एजेंडा बताया कि हलका भुलत्थ से कांग्रेस ने गुरविंदर सिंह अटवाल को जो टिकट दी है उस बारे में विचार-विमर्श किया जाना है। बारी आने पर उन्होंने कहा कि अटवाल के हलके से बाहरी उम्मीदवार होने पर उन्हें एतराज है।
रविवार को हुई थी बैठक, चलीं थी कुर्सियां
भुलत्थ में पैराशूट उम्मीदवार उतारने पर भड़के कांग्रेसी
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इतना कहने पर राणा गुरजीत सिंह ने दलजीत सिंह से कहा कि उन्हें पगड़ी उतारकर बैठक से बाहर निकाल दिया जाए। इस पर दलजीत सिंह ने उनकी पगड़ी उतार दी और उनकी दाढ़ी, केशों पर हाथ डाला। बचाव करने की कोशिश करने पर दलजीत सिंह ने रिवॉल्वर निकालकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। इसमें गुरप्रीत सिंह पड्डा निवासी लखन का पड्डा भी शामिल है। इस पर थाना सुभानपुर की पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने और साजिश रचने के आरोप में दलजीत सिंह, विधायक व कपूरथला से कांग्रेस प्रत्याशी राणा गुरजीत सिंह व गुरप्रीत सिंह पड्डा के खिलाफ केस दर्ज कर ली है।
कपूरथला विधायक व कांग्रेस प्रत्याशी राणा गुरजीत सिंह ने बताया कि चुनाव का माहौल होने पर अकाली दल के कहने पर सियासी दबाव में केस दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के कहने पर एसएसपी ने बिना जांच किए़ केस दर्ज किया है। उन्होंने नडाला की मीटिंग में रिवॉल्वर तानने की बात को सिरे से खारिज किया।
वहीं एसएसपी राजिंदर सिंह ने बताया कि किसी भी तरह के सियासी दबाव में कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता के पगड़ी उतारने के बयान पर केस रजिस्टर हुआ है। मुख्य आरोपी तो दलजीत सिंह हैं। राणा गुरजीत सिंह की मौजूदगी में यह घटना हुई है। इस मामले में आठ-दस अज्ञात आरोपी भी हैं। उनके बारे में जांच की जा रही है।