प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जालंधर में हुई रैली के दौरान अचूक सुरक्षा का पंजाब पुलिस को इनाम मिला है। राज्य पुलिस की ओर से 14 पुलिसकर्मियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क सम्मान से पुरस्कृत किया गया है। 26 मार्च को जारी पंजाब के डीजीपी वीके भावरा के आदेश के अनुसार कुल 14 पुलिसकर्मियों को यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले 5 जनवरी को प्रधानमंत्री की फिरोजपुर यात्रा के दौरान सुरक्षा उल्लंघन का मामला सामने आया। वहीं, पंजाब पुलिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। विधानसभा चुनाव के दौरान 14 फरवरी को पीएम मोदी ने जालंधर में रैली को संबोधित किया था। फिरोजपुर में सुरक्षा चूक के बाद यह पीएम मोदी की पंजाब में पहली रैली थी।
जिन अधिकारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया है, उनमें होशियारपुर के एसएसपी ध्रुमन निंबाले, कपूरथला के एसएसपी दयामा हरीश ओमप्रकाश, 7वीं बटालियन के कमांडेंट राजपाल सिंह संधू, 27वीं बटालियन के कमांडेंट उपेंद्रजीत सिंह घुम्मण, एसएसपी जालंधर ग्रामीण सतिंदर सिंह, एआईजी गुरमीत सिंह और कमांडेंट 80वीं बटालियन जगमोहन सिंह का नाम शामिल है।
इसके अलावा एआईजी हरकमलप्रीत सिंह खख, डीसीपी जालंधर जसकीरतजीत सिंह तेजा, एआईजी राजेश्वर सिंह सिद्धू, मनजीत सिंह ढेसी, एडीसीपी जालंधर सुहैल कासिम मीर, डीएसपी राकेश यादव और इंस्पेक्टर विवेक चंदर को भी डीजीपी कमेंडेशन डिस्क से सम्मानित किया गया है।
5 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिरोजपुर में 42,750 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखनी थी। राष्ट्रीय शहीद स्मारक की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का काफिला सड़क मार्ग से एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने सड़क को जाम कर दिया। 15-20 मिनट तक प्रधानमंत्री फ्लाईओवर पर फंसे रहे। यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी चूक थी।