जालंधर पुलिस की दादागीरी
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राजा ने आरोप लगाया कि वह सड़क के किनारे अपनी रेहड़ी लेकर खड़ा था। पुलिस वालों ने उसकी तकड़ी (तराजू) व फल उठा लिए और जेब से पैसे निकाल कर जबरन कार में बैठाने की कोशिश करने लगे। विरोध करने पर दोनों मुलाजिमों ने उसको पीटना शुरू कर दिया।
विजय दकोहा का कहना है दकोहा चौकी वाले सरेआम गरीब रेहड़ी वालों के साथ गुंडागर्दी करते हैं। उन्होंने इलाका निवासियों के साथ एडीसीपी से मुलाकात कर चौकी प्रभारी सेवा सिंह को संस्पेड करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाए।
डीसीपी गुरमीत सिंह ने कहा कि ट्रैफिक समस्या न हो इसलिए पुलिस मुलाजिमों ने रेहड़ी वाले को पीछे हटने के लिए कहा था। उसने रेहड़ी को पीछे नहीं किया। फिलहाल पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक समस्या दूर करने को रेहड़ी हटाने को कहा था: सेवा सिंह
दकोहा चौकी के प्रभारी सेवा सिंह ने कहा कि ट्रैफिक समस्या न हो इसलिए रेहड़ी वाले को रेहड़ी पीछे करने के लिए कहा था। उसे तीन बार रेहड़ी पीछे करने को कह चुके थे। वापस आकर देखा तो रेहड़ी वहीं पर थी। इसलिए उसे पकड़ कर थाने लेकर जाने लगे तो उसने रेहड़ी को पकड़ लिया।
इस पर वह उसके हाथों को रेहड़ी से छुड़वा रहे थे। रेहड़ी वाले को थाने ले जाकर उस पर कानूनी कार्रवाई करनी थी। उन्होंने कहा कि उन पर लगाये सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने न तो किसी की जेब से पैसे निकाले है और न ही किसी की पिटाई की है।