पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को अमृतसर में सब-इंस्पेक्टर की कार के नीचे आईईडी लगाने के मामले में मुख्य और आठवें आरोपी युवराज सबरवाल उर्फ यश को गिरफ्तार कर लिया है। यश ने कनाडा में छिपे गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लंडा के इशारे पर सब-इंस्पेक्टर की कार के नीचे बम लगाया था। उसे सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि युवराज को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से गिरफ्तार किया गया है। वह एक हिस्ट्रीशीटर है और कत्ल, डकैती और लूटपाट समेत कई अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस ने उसके अमृतसर निवासी दो साथियों पवन कुमार उर्फ शिवा माची और साहिल उर्फ माची को भी गिरफ्तार किया है। दोनों पर कत्ल, स्नैचिंग, डकैती, लूटपाट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उन्हें अमृतसर के थाना मजीठा रोड में दर्ज डकैती केस में गिरफ्तार किया है। आईईडी केस में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
एसआई की गाड़ी के नीचे लगाया था 2.17 किलो विस्फोटक
अमृतसर के सी-ब्लाक रणजीत एवेन्यू में एसआई दिलबाग सिंह के आवास के बाहर उनकी एसयूवी बोलेरो (पीबी02-सीके-0800) के नीचे आरोपियों ने 2.17 किलो का विस्फोटक लगाया था। आरोपियों की योजना एसआई को मारने की थी लेकिन ऐन वक्त पर आईडी का पता चल गया। इसके बाद पुलिस ने युवराज समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा के प्रत्यर्पण के प्रयास तेज
डीजीपी यादव ने बताया कि युवराज की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सरहदी सूबे की शांति भंग करने की साजिश रचने वाले गैंगस्टर लखबीर सिंह उर्फ लंडा के प्रत्यर्पण के भी पुरजोर प्रयास शुरू कर दिए हैं। लंडा पंजाब का गैंगस्टर है। इस समय वह विदेश में छिपा है और आतंकियों गतिविधियों को अंजाम देने में प्रयासरत है।
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