सीमा पार से नशे और हथियारों की तस्करी करने की साजिश गुरदासपुर जेल में ही रची गई थी। कत्ल केस में जमानत मिलने के बाद सुमित को जम्मू के सांबा सेक्टर में पाकिस्तान के साथ लगती सरहद पर एक गार्ड टावर पर तैनात किया गया था, जहां से वह सीमा पार के तस्करों के साथ लगातार संपर्क में रहता था, जो कि आगे पाकिस्तान के शाह मूसा के संपर्क में थे।
दो किस्तों में सुमित को मिले थे 39 लाख
डीजीपी ने बताया कि सुमित ने सीमा बाड़ वाली जगह पर 40 पैकेट हेरोइन और एक 9 एमएम पिस्टल की डिलीवरी के लिए रास्ते का बंदोबस्त किया था। उसने कुछ अज्ञात व्यक्तियों को हेरोइन की डिलीवरी करने के बाद पिस्टल अपने पास अपनी सुरक्षा के लिए रखा था। सुमित को नशे और हथियारों की सफलतापूर्वक प्राप्ति के लिए 15 लाख और 24 लाख रुपये की दो किस्तों में 39 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। उन्होंने बताया कि सिमरनजीत सिंह उर्फ सिमरन जो कि अमनप्रीत सिंह का सगा भाई है, ने कबूल किया है कि उसने अपने भाइयों के साथ मिलकर गांव हमीरा के रेत-बजरी के कारोबारी जगजीत सिंह को गोली मारी थी।