इसी ट्रक से बरामद हुई हथियारों की खेप।
आतंकियों ने बताया कि पहले से तय योजना के मुताबिक अमृतसर की सब्जी मंडी के नजदीक मकबूलपुरा-वाला रोड पर पहले से तय की गई जगह पर गुरुवार सुबह दो अनजान व्यक्तियों से यह खेप प्राप्त की। इन दोनों ने खेप को ट्रक में छिपा दिया और दिखावे के लिए उसमें सब्जी-फल भर लिए।
पंजाब के रास्ते आतंकियों को भी कश्मीर पहुंचाया
आमिर हुसैन वानी ने खुलासा किया है कि उसने अपने ट्रक में पंजाब के लगाए पिछले चक्करों के दौरान 20 लाख से अधिक की हवाला राशि भी एकत्रित की थी। इसके लिए उन्हें पूर्व कांस्टेबल डार और डॉ. रमीज राजा ने जगहें बताई थीं। रमीज राजा इस समय आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में जम्मू-कश्मीर की जेल में बंद है।
आमिर ने यह भी खुलासा किया कि अमृतसर की पिछली यात्राओं के दौरान उसने दो हथियारबंद हिजबुल मुजाहीदीन और लश्कर के आतंकवादियों को पंजाब से कश्मीर पहुंचाया था। संयोगवश, अब वे दोनों मर चुके हैं। उनकी पहचान आमिर द्वारा हिजबुल मुजाहीदीन के सद्दाम अहमद पड्डर निवासी हैप जिला पुलवामा और लश्कर के जासिम अहमद शाह निवासी मलनार जिला पुलवामा के तौर पर की गई। जासिम शाह को काफी समय पहले गुरदासपुर बाईपास बटाला के नजदीक एक कश्मीरी होटल से एके-47 और ग्रेनेड सहित काबू किया गया था।
दोनों आतंकियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25/54/59, विस्फोटक पदार्थ संशोधन अधिनियम 2001 की धारा 3/4/5 और गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 13, 17, 18, 18-बी, 20 के अंतर्गत एफआईआर थाना सदर पठानकोट में दर्ज कर ली गई है।
आईएसआई सरहद पार से भेज रहा हथियार और आतंकी: डीजीपी
डीजीपी दिनकर गुप्ता के अनुसार, आमिर और वसीम की गिरफ्तारी के साथ हुए खुलासों से पता चलता है कि पाक आईएसआई आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सरहद पार से पंजाब और आगे कश्मीर में हथियारों की खेप की तस्करी और आतंकवादियों की घुसपैठ कर रहा है।
इससे पहले 25 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के आतंकियों के एक अन्य सहयोगी हिलाल अहमद वागे को गिरफ्तार किया था। वह पिछले दिनों मारे गए हिजबुल मुजाहीदीन के कमांडर रियाज अहमद नायकू के निर्देश पर अमृतसर से ड्रग मनी लेने के लिए आया था। हिलाल अहमद ने ड्रग मनी ले जाने के लिए एक ट्रक का इस्तेमाल किया था।