फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेरा प्रेमी और एक धर्मगुरु के हत्यारे दो आतंकवादी दबोचे गए, जानिए कौन हैं?

Thu, 13 Jul 2017 11:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
आतंकियों को दबोचा
विज्ञापन
सिरसा डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी और राजस्थान के एक विवादित धर्मगुरु की हत्या करने वाले दो आतंकियों को दबोचा गया है। पंजाब पुलिस ने उन्हें  गिरफ्तार करने का दावा किया है।
विज्ञापन


पुलिस का कहना कि इसके साथ ही उन्होंने वर्ष 2016 के दौरान डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी और राजस्थान के एक विवादित धर्मगुरु की हत्या के मामले सुलझा लिए हैं। दोनों  आतंकियों के खिलाफ फिरोजपुर और कपूरथला जिले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

पुलिस के मुताबिक मंगलवार को नवांशहर, फिरोजपुर और कपूरथला जिला पुलिस बल के सहयोग से एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी को फिरोजपुर के मल्लांवाला जबकि 25 वर्षीय अवतार सिंह उर्फ पम्मा जोकि कोहाला का ही निवासी है, को कपूरथला के थाना सदर अंतर्गत गांव भनोंलंगा से गिरफ्तार किया गया। 
विज्ञापन

दोनों आतंकियों से कई हथियार बरामद हुए

terrorist - फोटो : Demo Photo
गौरतलब है कि मंगलवार को फिरोजपुर के मरामद हुएल्लांवाला में पुलिस ने घेराबंदी कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उस वक्त उन्हें विक्की गौंडर गैंग का सदस्य बताया गया था। एक गैंगस्टर वहां से फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आंतकियों ने पिछले साल 13 जून को फरीदकोट जिले के बुर्ज जवाहर सिंह वाला में डेरा सच्चा सौदा के गुरदेव सिंह (31 साल) की हत्या की थी।

ये दोनों आतंकी 23 नवंबर, 2016 को राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में बाबा लक्खा सिंह उर्फ  लखविंदर सिंह उर्फ पाखंडी बाबा की हत्या में भी शामिल थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 12 बोर की राइफल और .32 बोर की रिवाल्वर बरामद की गई है। उक्त हत्याओं में शामिल एक अन्य संदिग्ध की पहचान कोहाला के अशोक कुमार वोहरा उर्फ अमन सेठ (26) के रूप में हुई है। वह अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल रहा है। 
विज्ञापन

निशाने पर कई लोग थे, सांप्रदायिक तनाव भड़काना चाहते थे

स्कूल में आतंकी हमला - फोटो : social media
पुलिस का कहना है कि इनके निशाने पर कई अन्य लोग भी थे। इनक मकसद पंजाब में सांप्रदायिक तनाव भड़काना था। इनकी गिरफ्तारी के बाद बुधवार सुबह फिरोजपुर पुलिस ने चंडीगढ़ नंबर (सीएच01 बीजी 4114) की एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार भी बरामद की है।

इस कार का इस्तेमाल गुरदेव सिंह और बाबा लक्खा सिंह की हत्या में किया गया था। यह कार अमन सेठ के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने बताया कि अमन ने 2016 में दो नए आर्म्स लाइसेंस बनवाकर हथियार खरीदे थे।

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि उसने यह लाइसेंस कैसे बनवाए और लाइसेंस बनाने में किसने सिफारिश की थी। जांच में यह भी पता चला है कि पकड़े गए दोनों अभियुक्तों का एक अन्य साथी जसवंत सिंह काला जोकि  मुक्तसर साहिब के थाना सदर अंतर्गत गांव सोनेवाला का निवासी है, भी इस आतंकी मॉड्यूल में शामिल है और अशोक के साथ मिलकर उसने भी हत्याकांड को अंजाम दिया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें