खेती मोटरों के लिए कम बिजली सप्लाई और बिजली के रेटों में बढ़ोतरी का भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) की अगुवाई में किसानों ने शुक्रवार को यहां जमकर विरोध किया।
मिनी सचिवालय में डीसी दफ्तर के बाहर किसानों ने धरना दिया। इस मौके पर किसानों की ओर से जारी शृंखलाबद्ध भूख हड़ताल में आज 11 और किसान बैठे। उन्होंने पिछले कई दशकों से बंजर जमीनों को आबाद करके उन पर खेती कर रहे किसानों को इन जमीनों का मालिक घोषित करने की भी मांग की।
शृंखलाबद्ध भूख हड़ताल पर बैठने वाले किसानों में जोगिंदर सिंह, जंग सिंह, भिंदर सिंह, मलकीत सिंह, गुरमीत सिंह, सतनाम सिंह, जीवन सिंह, उपकार सिंह आदि शामिल रहे। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि बिजली के रेटों में भारी बढ़ोतरी करके सरकार ने लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ लाद दिया है। यह फैसला वापस लिया जाए। साथ ही पिछले कई दिनों से खेती मोटरों को मिल रही कम बिजली सप्लाई का भी विरोध किया गया।
किसान नेताओं ने कहा कि वादा दिन में आठ घंटे बिजली सप्लाई का है, लेकिन मिल केवल चार घंटे रही है, जिससे दिक्कतें हो रही हैं। बंजर जमीनों को आबाद करके इन पर दशकों से खेती कर रहे किसानों को जमीनों की मालिकी देने, फौरी राहत के तौर पर सालाना पट्टे की दर में कोई वृद्धि न करने, आबादकारों के नाम पर मोटरों के कनेक्शन देने और पुराने मोटरों के कनेक्शन देने और पुराने मोटरों के कनेक्शन काटने का फैसला रद किया जाए।
इन जमीनों की खुली बोली करने की पालिसी वापस ली जाए। धरने में डा. दर्शन पाल, जगमोहन सिंह, करनैल सिंह लंग, गुरमेल सिंह, सतवंत सिंह, दर्शन सिंह, निर्मल सिंह, निशान सिंह आदि ने भाग लिया।