पंजाब की 13,237 पंचायतों के लिए चुनाव की घोषणा हो गई है। इसके लिए मतदान 15 अक्तूूबर को होगा। उसी दिन शाम चार बजे से मतगणना शुरू होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बुधवार को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की। बता दें इस बार पंजाब में पंचायती चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़ा जाएगा।
पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया 27 सितंबर से शुरू होगी, जो 4 अक्तूबर तक चलेगी। सुबह 11 से दोपहर बाद 3 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। 28 सितंबर को सार्वजनिक छुट्टी होने के चलते नामांकन प्रक्रिया बंद रहेगी। 5 अक्तूबर को सभी नामांकनों की छंटनी होगी, जिसके बाद ही 7 अक्तूबर 3 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 15 अक्तूबर को सुबह 8 से लेकर शाम 4 बजे तक मतदान होगा। राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि धान के सीजन, त्योहारों की छुट्टियां व परीक्षाओं को ध्यान में रखते ही उन्होंने चुनावी कार्यक्रम तैयार किया है, ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत चुनाव के जरिए 13,237 सरपंच और 83,437 पंच चुने जाएंगे। चुनाव में 1,33,97,922 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।उन्होंने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए अलग से चुनाव आचार संहिता तैयार की गई है, जिसके तहत चुनाव में राजनीतिक दखल नहीं होगा। ये सिर्फ ग्राम पंचायतों पर ही लागू होगा। जो पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी जाएंगी, उन पर आचार संहिता लागू नहीं होगी। चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष की निर्धारित की गई है। बता दें कि फरवरी माह में पंचायतों का कार्यक्रम खत्म हो गया था, लेकिन चुनाव न होने के चलते ग्राम पंचायतों का काम प्रभावित हो रहा था। यही कारण है कि चुनाव करवाने को लेकर इन पंचायतों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
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19,110 मतदान केंद्रों पर होगा चुनाव
चुनाव के लिए आयोग ने 19,110 मतदान केंद्र बनाए हैं। आयोग के अनुसार बैलेट पेपर पर नोटा का भी विकल्प दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों का चुनाव बहुत बड़ा है, इसलिए इतनी ईवीएम मशीनों का प्रावधान करना उनके लिए मुश्किल था, जिसके चलते ही बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाने का फैसला लिया गया है। सरपंच का चुनाव गुलाबी और पंच का चुनाव सफेद बैलेट पेपर से होगा। 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।