बाजवा ने कहा कि तीन साल में उन्हें कैप्टन साहब के केवल एक बार दर्शन दीदार हुए हैं। अगर मौजूदा राज्यसभा सदस्य और पूर्व प्रदेश प्रधान को दर्शन नहीं होते तो सोचिए आम लोगों को कैप्टन कब मिलते होंगे? या पार्टी वर्करों से उनकी कितनी मुलाकात होती होगी? कैबिनेट बैठक में मंगलवार को लाए प्रस्ताव पर बाजवा ने कहा कि छह कैबिनेट मंत्रियों ने उन्हें फोन करके कहा है कि वे बैठक में मौजूद भी नहीं थे, फिर भी उनका नाम प्रस्ताव में डाला गया है। बाजवा ने कहा कि इन मंत्रियों ने उनसे कहा है-आप जो काम कर रहे हो, बहुत बढ़िया है। ऐसे ही डटे रहो।
बाजवा यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वादा किया था कि बिजली सस्ती करेंगे लेकिन तीन साल में 12 बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि इसकी कीमत कौन देगा? उन्होंने यह भी कहा कि बहिबल कलां और बरगाड़ी कांड में मुख्य भूमिका सुखबीर बादल और तत्कालीन डीजीपी सुमेध सैनी की थी लेकिन कैप्टन सरकार मामूली सिपाहियों के गले में फंदा डालकर वाहवाही लूटना चाहती है जबकि मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन ने गुटका हाथ में पकड़कर और तलवंडी साबो की तरफ मुंह करके कसम खाई थी। उस मंच पर हम लोग भी थे, इसलिए कसम नहीं निभाने के जुर्म में हम भी भागी बन रहे हैं, जोकि हम बनना नहीं चाहते।
सोनिया-राहुल को बताउंगा सच्चाई: बाजवा
सोनिया गांधी और राहुल गांधी के उनकी शिकायत किए जाने के बारे में बाजवा ने कहा कि वे बड़ी खुशी से वहां जाएं और जो शिकायत करनी हैं, करें। उन्हें क्या लगता है कि मैं सोनिया जी या राहुल जी से नहीं मिलता? मैं भी मिलता हूं और उन्हें कैप्टन सरकार की सच्चाई बताऊंगा कि वे क्या कुछ कर रहे हैं।