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फरीदकोट के राजमहल में कब्जा करने का आरोप, हंगामा, 25 हजार करोड़ की संपत्ति से जुड़ा विवाद

Sat, 11 Jul 2020 01:48 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
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राजमहल पहुंची पुलिस।
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फरीदकोट रियासत के आखिरी शासक महाराजा हरिंद्र सिंह बराड़ की 25 हजार करोड़ की संपत्ति मामले में गुरुवार को शाही राजमहल में हंगामा खड़ा हो गया। रियासत की संपत्ति की निगरानी कर रहे महारावल खेवा जी ट्रस्ट के सीईओ जंगीर सिंह सरां का आरोप है कि संपत्ति के मामले को अदालत में ले जाने वाली राजकुमारी अमृत कौर के पक्ष से जुड़े लोगों ने राजमहल पर कब्जा करने का प्रयास किया। 

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इस पर ट्रस्ट ने मौके पर पुलिस को बुला लिया। उधर, चंडीगढ़ से आए राजकुमारी अमृत कौर के वकील ने कहा कि वह तो ट्रस्ट का रिकार्ड देखने आए थे। उन्हें जानकारी मिली थी कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद ट्रस्ट पर काबिज लोग रिकार्ड को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं। इस मामले में डीएसपी सतविंदर सिंह विर्क ने कहा कि पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। 

जानकारी के अनुसार पिछले माह एक जून को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए महाराजा हरिंद्र सिंह बराड़ की उस वसीयत को जाली करार दे दिया था जिसके आधार पर संपत्ति की निगरानी महारावल खेवा जी ट्रस्ट द्वारा की जा रही है। इस फैसले में हाईकोर्ट ने संपत्ति तीनों बेटियों में बांट दी थी। 
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तीन दिन पहले ही जिला पुलिस ने हाईकोर्ट से संपत्ति का केस जीतने वाली राजकुमारी अमृत कौर की शिकायत पर महाराजा की जाली वसीयत तैयार करने का धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था। यह मामला ट्रस्ट में चेयरमैन व वाइस चेयरपर्सन की जिम्मेदारी निभा रहे महाराजा के नाती व नातिन समेत कुल 23 पदाधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ दर्ज किया था। इस मामले की जांच के लिए एसपी (एच) भूपिंदर सिंह की निगरानी में एसआईटी का भी गठन किया है। 

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