29 साल पुराने आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण व हत्या के मामले में पंजाब के पूर्व डीजीपी कड़ी सुरक्षा में सोमवार को विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने पेश हुए। करीब दो घंटे तक पुलिस ने उनसे करीब सौ सवाल पूछे। हालांकि सैनी के जवाबों से जांच टीम संतुष्ट नहीं है। अंदेशा है कि उन्हें पूछताछ के लिए फिर बुलाया जा सकता है। उधर, थाने से बाहर निकलते हुए सैनी से जब मीडिया ने सवाल किए तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि समय आने पर जवाब देंगे।
जानकारी के मुताबिक पूर्व डीजीपी सैनी सोमवार को चौथी बार एसआईटी के सामने पेश हुए। अपनी इनोवा कार व सुरक्षा दस्ते के साथ सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर वे मटौर थाने के बाहर पहुंचे। थाने के बाहर स्पेशल रिजर्व पुलिस के जवान तैनात किए गए थे। गेट पर एसएचओ ने उन्हें रिसीव किया। इसके बाद सुरक्षा घेरे में वकील समेत उन्हें सीधे अंदर ले गए। एसएचओ के कमरे में सैनी से सवाल जवाब हुए।
सरकारी गवाहों के बयान पर आधारित प्रश्न पूछे गए
बलवंत सिंह मुल्तानी हत्याकांड से जुड़ा कोई रिकॉर्ड मोहाली पुलिस के पास नहीं है। क्योंकि यह केस पहले चंडीगढ़ में दर्ज हुआ था। उसके बाद सीबीआई ने केस की जांच की थी। ऐसे में मामले के सरकारी गवाहों ने जो बताया, उसी के आधार पर एसआईटी जांच कर रही है।
अपना मोबाइल नंबर तक नहीं बता पाए सैनी
सैनी से क्या सवाल जवाब हुए इसकी जानकारी अफसरों ने मीडिया को नहीं दी। हालांकि सूत्रों से पता चला है कि पिछली सुनवाई पर सैनी अपना मोबाइल नंबर तक नहीं बता पाए थे। अपने भाई का नंबर उन्होंने जरूर बता दिया था। इसी तरह दिल्ली में जिस घर में रुके थे, उसका नंबर भी नहीं बता पाए थे।
इस बार गाड़ी नहीं गई थाने के अंदर
पिछली बार सैनी एसआईटी के सामने पेश होने आए थे तो उनकी गाड़ी सीधे थाने में पहुंची थी। इसे लेकर मीडिया में पुलिस की छवि पर सवाल उठे थे। इस बार गाड़ी को थाने के बाहर ही रोक दिया गया और सैनी पैदल अंदर गए।