वरिष्ठ आईएएस के बेटे बलवंत सिंह मुल्तानी के अगवा व हत्या के मामले में पंजाब बंद के बीच गुपचुप तरीके से पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी शुक्रवार को एसआईटी के सामने पेश हुए। उन्होंने जांच में शामिल होने की गुजारिश की लेकिन एसआईटी ने उन्हें बैरंग लौटा दिया। एसआईटी का कहना है कि जब तक उन्हें जांच में शामिल होने का नोटिस भेजा जाएगा, उसके बाद ही वह शामिल हो सकेंगे। इसके बाद सैनी जिला अदालत पहुंचे और अपने खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द करने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पंजाब बंद के चलते जब तमाम पुलिस फोर्स व्यस्त थी, तब गुपचुप तरीके से पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी एसआईटी के दफ्तर जा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह जांच में शामिल होने को तैयार हैं। एसआईटी प्रमुख का कहना है कि वह सीधे जांच में शामिल नहीं हो सकते। जब एसआईटी नोटिस भेजकर बुलाएगी, तभी शामिल होना होगा। पहले जारी हुए नोटिस पर न पहुंचने के बारे में सैनी का कहना है कि उन्होंने पहले ही जवाब भेज दिया था कि वह जांच में शामिल होने में असमर्थ हैं।
इसके बाद पूर्व डीजीपी सैनी ने जिला अदालत पहुंचकर हाजिरी लगाई। उन्होंने अपने खिलाफ 25 सितंबर के लिए जारी गिरफ्तारी वारंट रद्द करने की याचिका लगाई। सैनी ने याचिका में कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अभी तक रोक लगाई हुई है। उन्होंने फैसले की कॉपी भी अदालत में दी।
उन्होंने अदालत से कहा कि वह एसआईटी को जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। जब एसआईटी बुलाएगी, वह पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनका गिरफ्तारी वारंट रद्द कर दिया गया। गौरतलब है कि इससे पहले एसआईटी ने सैनी को 23 सितंबर को मटौर थाने में सुबह 11 बजे पेश होने का समय दिया था। लेकिन वह पेश नहीं हुए थे।
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