उन्होंने कहा कि एक तरफ पूर्व केंद्रीय मंत्री इस्तीफा देकर किसानों की हिमायती बनने की कोशिश में है और दूसरी तरफ खुद विधेयक पर दस्तखत कर सरकार का साथ देती हैं। अब भी उन्होंने सिर्फ भाजपा कैबिनेट से इस्तीफा दिया है, भाजपा का साथ नहीं छोड़ा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
अगर यही हाल रहा तो पंजाब के युवा पकौड़े और चाय बनाने लायक ही रह जाएंगे। उधर, विधायक सुरिंदर डावर की अगुवाई में बाबा थान सिंह चौक में प्रदर्शन किया गया। सोशल डिस्टेंस के हिसाब से रखे गए प्रदर्शन में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। विधायक सुरिंदर डावर ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हिटलर जैसा काम कर रही है।
अपने फैसले लोगों पर थोपे जा रहे है। जब केंद्र कैबिनेट की मीटिंग के दौरान यह बिल तैयार हो रहा था, उस समय हरसिमरत बादल भी वहां मौजूद थीं। अगर वह सही किसानों की हिमायती थी तो उसी समय इस्तीफा देतीं। अब उन्हें लगा कि पंजाब का किसान उन्हें गांवों में घुसने नहीं देंगे तो वह दोगली राजनीति का खेल रही हैं।