उसका पति नरिंदर सिंह, बेटा अर्जुन सिंह और वह खुद मोटरसाइकिल पर सवार होकर जब चौक में पहुंचे तो शंकर सिंह व उसके साथियों ने किरपानों से हमला करके दोबारा उसके पति व बेटे को पीटकर बुरी तरह से जख्मी कर दिया। उसने और उसकी बेटी ने हमलावरों के आगे उन्हें न मारने की बात कहीं, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी। उनके शोर मचाने पर वह भाग निकले।
इसके बाद वे अपने पति व बेटे को गंभीर हालत में सिविल अस्पताल लेकर आई। जहां डॉक्टरों ने उसे जालंधर ले जाने की सलाह दी। जालंधर से उसके पति को पीजीआई रेफर कर दिया गया। राजविंदर कौर ने बताया कि पीजीआई के डॉक्टरों अनुसार उसके पति की 80 फीसदी रोशनी चली गई है। चोट ज्यादा गंभीर होने की वजह से आखों की रोशनी लौटना मुश्किल है, महज 20 फीसदी ही चांस हैं। अब 11 फरवरी को दोबारा ऑपरेशन होना है, लेकिन इतना कुछ होने के बावजूद पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
पुलिस ने शंकर सिंह, मंगल सिंह, धर्म सिंह, लखविंदर सिंह, स्वर्ण सिंह, पड्डा व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्जकर लिया है। थाना फत्तूढींगा के एसएचओ एसआई चन्नन सिंह ने कहा कि यह लड़ाई आज की नहीं, बल्कि दो साल पुरानी है और वजह भी सियासी है। चुनाव को लेकर इनके बीच पुरानी रंजिश चल रही है। पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं लेकिन पंचायत में निपट जाते रहे, लेकिन इस बार इस विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप अख्तियार कर लिया। उन्होंने साफ इंकार किया कि नशा विवाद का कारण नहीं है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसएचओ के अनुसार दोनों गुट कांग्रेसी हैं।