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कमर कस ले 'आप' और केजरीवाल, दिल्ली के बाद अब यहां होगी 'अग्निपरीक्षा'

Sat, 29 Apr 2017 12:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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केजरीवाल - फोटो : सोशल मीड‌िया
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पहले पंजाब विधानसभा चुनाव, फिर एमसीडी चुनाव में आप को शिकस्त मिली। अब पार्टी को इन चुनाव में कड़ी अग्निपरीक्षा देनी पड़ेगी तो कस लो कमर। पंजाब में सत्ता की डगर से फिसलने के बाद दिल्ली नगर निगम चुनाव में साफ हो चुकी आम आदमी पार्टी के लिए अब सूबे में नई चुनौती खड़ी हो गई है।
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तीन-चार महीने में प्रदेश के चार प्रमुख निगमों के चुनाव हैं, लेकिन आप के प्रमुख नेता ही पार्टी के लिए मुश्किल बन गए हैं। आप ने पहले ही एलान कर दिया है कि वह पंजाब में सभी नगर निगमों का चुनाव लड़ेगी। जालंधर, लुधियाना, बठिंडा और अमृतसर नगर निगमों का कार्यकाल जून में पूरा हो रहा है।

हालांकि जून में चुनाव की संभावना नहीं है, पर अगस्त तक चुनाव होने की उम्मीद है। आम आदमी पार्टी इस चुनाव के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। पार्टी के चारों प्रमुख नेताओं में वर्चस्व की जंग चल रही है। इनमें नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका, सांसद भगवंत मान, चीफ व्हिप सुखपाल खैरा और सूबा कन्वीनर गुरप्रीत घुग्गी शामिल हैं।
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चारों नेताओं के परस्पर विरोधी बयानों ने वॉलंटियर्स को असमंजस में डाल दिया है। हाल में फूलका ने एक मई से पंजाब यात्रा शुरू करने का एलान किया, लेकिन घुग्गी ने कहा कि यह पार्टी का नहीं, कुछ विधायकों का अपना प्रोग्राम है।
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नेता किसी एक की अगुवाई में चलने को तैयार नहीं

अरविंद केजरीवाल
दिल्ली में पार्टी की हार के बाद भगवंत मान ने हाईकमान पर जब उंगली उठाई तो फूलका ने उन पर पलटवार कर दिया। हालात ये हैं कि चारों में कोई भी नेता किसी एक की अगुवाई में चलने को तैयार नहीं हैं। वर्चस्व की जंग में वॉलंटियर्स का वर्ग सुखपाल खैरा को सूबा कार्यकारिणी का प्रधान देखना चाहता है।

जबकि, युवा पूरी तरह से भगवंत मान के साथ हैं। फूलका और घुग्गी के समर्थकों की तादाद इनसे कम है। मौजूदा समीकरण में इनमें से कोई भी किसी एक की अगुवाई में नहीं चलेगा। पार्टी के पास पंजाब  में इनके अलावा कोई और बड़ा चेहरा नहीं है।

मौजूदा  हालातों और नेताओं के परस्पर विरोधी रुख से निचले स्तर पर असमंजस की स्थिति बन गई है। जो निगम चुनाव में मुश्किल बन सकती है। पंजाब इकाई दिल्ली का दखल कम करने और ज्यादा अधिकार देने की मांग कर रही है, जो ऐसी परिस्थितियों में मुश्किल लग रहा है।
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मई में होगा ढांचे का पुनर्गठन

अरविंद केजरीवाल
आप हाईकमान की ओर से मई के मध्य में पंजाब के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन करने की संभावना है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला मई के पहले हफ्ते में होने वाली पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में होगा। पार्टी पहले ही अपना जोन सिस्टम खत्म कर चुकी है। अब दूसरी पार्टियों की तरह आप में भी प्रदेश और जिला स्तर पर कार्यकारिणी गठित होंगी।

उड़ रही पार्टी टूटने की अफवाह
आम आदमी पार्टी के कुछ विधायकों के कांग्रेस में जाने की अफवाहें रोजाना उड़ रही हैं। जिससे वॉलंटियर्स और ज्यादा असमंजस में हैं। उनका कहना है कि अगर राष्ट्रीय नेतृत्व ने जल्द कुछ न किया तो ये अफवाहें सच भी हो सकती हैं।
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