पठानकोट में जीत के बाद कांग्रेस उम्मीदवार पन्ना लाल भाटिया के समर्थकों ने ढोल की थाप पर खूब भंगड़ा डाला।
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भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले पठानकोट नगर निगम में कांग्रेस ने 50 में से 36 वार्डों में जीत हासिल की। भाजपा की झोली में 11 सीट आईं हैं। शिअद (शिरोमणि अकाली दल) और निर्दलीय को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा। वहीं, सुजानपुर नगर काउंसिल के 15 वार्डों में से आठ पर कांग्रेस, छह पर भाजपा और एक पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की।
पंजाब के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के निवास वाले वार्ड 49 में भाजपा ने जीत हासिल की। पठानकोट से कांग्रेस विधायक अमित विज के वार्ड में पार्टी को हार मिली है। विधायक के वार्ड 32 के कांग्रेसी उम्मीदवार राजीव बंटी महज 24 वोट से हार गए। इस वार्ड से भाजपा के मंडल अध्यक्ष रोहित पुरी ने जीत हासिल की। वार्ड 18 से कांग्रेसी उम्मीदवार पन्ना लाल भाटिया पांचवीं बार जीते।
पठानकोट के 50 वार्ड में सबसे बड़ी जीत वार्ड-22 के कांग्रेस उम्मीदवार अजय कुमार को मिली। अजय को 2370 में से 2013 वोट मिले हैं। वार्ड- 38 के निर्दलीय उम्मीदवार राकेश कुमार को सबसे कम पांच वोट मिले। इस वार्ड में सात लोगों ने नोटा का बटन दबाया। उल्लेखनीय है कि 2013-14 में पठानकोट को नगर निगम का दर्जा मिला। 2015 के निकाय चुनाव में भाजपा के 31 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी। कांग्रेस को 11 और आठ निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीते थे। इसमें भाजपा को बहुमत मिला और अनिल वासुदेवा पठानकोट के पहले मेयर बने थे।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कुशल कार्यप्रणाली से प्रदेश का हर वर्ग खुश है। केवल पठानकोट में ही 400 करोड़ के विकास कार्य कराए गए हैं। इसी का नतीजा है कि लोगों ने पार्टी पर विश्वास जताया और पठानकोट में कांग्रेस को बड़ी जीत मिली। - अमित विज, विधायक, पठानकोट।
भाजपा के उम्मीदवार मतदान के दिन से ही कह रहे हैं कि उनके साथ जबरदस्ती की गई है। कांग्रेसियों ने जाली मतदान कराया। ईवीएम का कोई कसूर नहीं है। कांग्रेस की जीत ने ही भाजपा के सभी आरोपों को सही साबित किया। बाकी जो जनता का फैसला है, वह मंजूर है। - विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष, भाजपा।