मॉडर्न जेल में 20 दिन में तीसरी गैंगवार की घटना ने जेल में कुछ गड़बड़ियों के संकेत दिए हैं। जेल प्रशासन का कैदियों पर पूरा नियंत्रण नहीं है या फिर मिलीभगत से कैदी अंदर भी अपने दुश्मनों को आसानी से निशाना बना रहे हैं। हालांकि अब तक की तीनों घटनाओं में कुछ समानताएं सामने आई हैं। वहीं अस्पताल में भर्ती हवालातियों की हालत गंभीर होने के चलते पुलिस उनके बयान कलमबद्ध नहीं कर पाई है।
एसपी जेल कुलविंदर सिंह थियाड़ा कहते हैं कि जेल में रॉड-पाइप से हमला नहीं हुआ है। गैंगवार में घायल होने वाले हाथों में पहने कड़े से घायल हुए हैं। हवालाती भी मामूली घायल हैं। कोई गंभीर नहीं है। रॉड-पाइप की उपलब्धता वाली बात बिल्कुल गलत है। अफसरों पर आरोप लगने का मुख्य कारण सख्ती है। गैंगस्टर जेल प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। इसलिए वह ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
घायलों के अभी तक नहीं हुए बयान
थाना कोतवाली के एसएचओ इंस्पेक्टर सोमनाथ ने बताया कि सिविल अस्पताल में उपचाराधीन हवालातियों की हालत गंभीर है। वह अभी बयान देने की हालत में नहीं हैं। इसलिए अभी तक उनके बयान नहीं लिए जा सके हैं। एक-दो दिन में बयान लेने के बाद ही अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पचास कैदियों ने पांच हवालातियों पर रॉड पाइप से किया हमला
FIGHT
- फोटो : Demo Pic
जेल में 19 मार्च से गैंगवार का सिलसिला शुरू हुआ। उस समय एक गुट ने दूसरे गुट पर हमला कर तीन लोगों को घायल कर दिया। इसके बाद 23 मार्च को घायल गुट के लोगों ने दूसरे गुट के लोगों पर रॉड-पाइपों से हमला कर घायल कर दिया।
इस गैंगवार में चक्की खोलकर कैदी अंदर घुसे और अंदर से चक्की बंद करके काफी देर तक कैदियों को पीटते रहे। इस गैंगवार में एसपी जेल के रीडर पर घायल कैदियों ने शह देने के आरोप लगे थे, लेकिन एसपी जेल ने क्लीन चिट देते हुए आरोपों को नकार दिया था। अब आठ अप्रैल की शाम को जेल के अस्पताल से दवा लेकर लौटते समय करीब 50 कैदियों ने हमला करके पांच हवालातियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस बार भी रॉड और पाइपों से हमला किया।
इस बार भी घायल हवालातियों ने डीएसपी जेल इकबाल सिंह धालीवाल पर पैसे लेकर चक्की में बंद खूंखार गैंगस्टरों को खोलने के आरोप लगाए हैं। तीनों वारदात में राड-पाइप के इस्तेमाल और जेल अफसरों पर मिलीभगत की बात सामने आई है। आसानी से रोड-पाइप की उपलब्धता जेल प्रशासन की सुरक्षा पर उंगली उठ रही है।
दो कैदियों से दो मोबाइल बरामद
- फोटो : डेमो फोटो
थाना कोतवाली की पुलिस ने जांच में एक-दूसरे गुट के लोगों पर हमला करने के सिलसिले की तरफ इशारा किया है। अभी जेल में गैंगवार थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं, क्योंकि हर बार एक गुट के लोग ही घायल हो रहे हैं। दूसरे गुटों के लोग एक बार भी जख्मी नहीं हुए हैं। साफ है कि हमलावर पूरी तैयारी से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं।
डीएसपी इकबाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उन्होंने जेल में सख्ती की है, जो कैदियों को गवारा नहीं हो रही। इसलिए वह इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। वैसे भी वह दो दिन से छुट्टी पर हैं और उनकी अनुपस्थिति में घटना हुई है। आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
दो कैदियों से दो मोबाइल बरामद
कपूरथला। माडर्न जेल में सर्च के दौरान दो कैदियों से दो मोबाइल फोन बरामद कर थाना कोतवाली में मामला दर्ज करवाया गया है। माडर्न जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट प्रेमपाल और दिलबाग सिंह ने पुलिस पार्टी सहित जेल में सर्च अभियान चलाया था। इस दौरान धारा 302 के तहत मामले में बंद जालंधर के बशीरपुरा रामा मंडी निवासी कैदी दीपक कुमार से चालू हालत में मोबाइल बरामद किया गया। जालंधर के ही तेज मोहन नगर निवासी रघुबीर सिंह उर्फ लल्ली से चालू हालत में मोबाइल फोन बरामद किया गया। दोनों के विरुद्ध थाना कोतवाली में धारा 52ए के तहत मामला दर्ज किया है।