डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर।
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पंजाब के मंत्री व चीफ खालसा दीवान के अध्यक्ष डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर के किसानों को आराम परस्त व पंजाबियों को बेवकूफ बोलने पर विवाद बढ़ गया। आखिर में उन्होंने माफी मांगकर विरोध शांत करवाया। अमृतसर डीसी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे किसानों, अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला और भाजपा की अमृतसर जिला इकाई ने बयान का विरोध किया। बाद में मंत्री को माफी मांगनी पड़ी।
डॉ. निज्जर चीफ खालसा दीवान की बैठक के बाद कुछ मीडिया कर्मियों से बातचीत में बोल गए कि किसान पहले अपने खेतों में नहरों का पानी इस्तेमाल करते थे लेकिन अब नहरों में पानी ही नहीं आता। किसान आराम परस्त हो गए हैं। किसान पानी मांगते ही नहीं है और नहरी विभाग के लोग इसलिए पानी देते भी नहीं हैं। बहुत सारे पानी के खाल किसानों ने खेतों में मिलाकर बंद कर दिए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने राज्य में बेहाल यातायात व्यवस्था और शहरी इलाकों में अतिक्रमण, गेंहू-धान के फसल चक्र से बाहर न निकलने और रास्ते रोककर धरने प्रदर्शन करने पर पंजाबियों को बेवकूफ व न समझ बोल दिया। इससे विपक्ष भड़क उठा और डॉ. निज्जर का विरोध शुरू हो गया। बाद में उन्होंने अपने शब्दों को वापस लिया।
कैबिनेट मंत्री निज्जर का बयान घटिया सोच का प्रतीक: औजला
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने निज्जर के बयान को पंजाब के प्रति घटिया सोच का प्रतीक बताया है। मंत्री इंदरबीर सिंह निज्जर ने देश व पंजाब का इतिहास नहीं पड़ा है। देश की आजादी से लेकर तरक्की में पंजाब व पंजाबियों का बहुत बड़ा हाथ है।