कोहाड़ा माछीवाड़ा रोड पर स्थित शिवा टैकस फैब में वीरवार की सुबह उस समय भगदड़ मच गई, जब फैक्ट्री में लगा ब्वायलर फट गया।
ब्वायलर फटने का धमाका इतना जबरदस्त था कि दो मंजिलों पर लगे शीशे टूटकर बिखर गए और पूरी फैक्ट्री दहल गई। धमाका होने के बाद फैक्ट्री में आग भी लग गई। इस धमाके में ब्वायलर के पास काम कर रहे नौ मजदूर झुलस गए। उन्हें तुरंत सीएमसी अस्पताल दाखिल कराया।
वहां से पांच लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि चार की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद इलाका पुलिस और फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। उसने कुछ समय में ही आग पर काबू पा लिया।
सीएमसी अस्पताल में उपचाराधीन मोहम्मद नूर आलम (26), सुरेश चौधरी (50), अजय पाल (27) व मुकेश कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि दीन दयाल, जतिंदर सिंह, हरि हर, संजय दुआ और रमेश कुमार को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
सीएमसी अस्पताल में प्रोडक्शन मैनेजर आरसी सिंह ने कहा कि फैक्ट्री में फाइबर बनाया जाता है। खाली प्लास्टिक की बोतल को साफ कर उन्हें पिघालने करने के बाद उसका फाइबर बनता है। पांच मंजिला फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर यूनिट लगाया हुआ है।
वीरवार सुबह नौ लोग काम में जुटे थे। सामान को मेल्ट करने के लिए ब्वायलर में डाला हुआ था। फैक्ट्री में लगी ऑटोमैटिक मशीन ने तापमान बढ़ने का इशारा दिया, लेकिन किसी भी मजदूर ने उस तरफ ध्यान नहीं दिया। ब्वायलर के अंदर एक दम से हीट बढ़ गई और फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ। धमका इतना जबरदस्त था कि फैक्ट्री की दो मंजिलों पर लगी खिड़कियों के शीशे तक टूट गए।
सिंह ने बताया कि उनका दफ्तर बिल्डिंग के दूसरी तरफ है। धमाका होने से पूरी फैक्ट्री हिल गई। धमाका होने के तुरंत बाद सब लोग बाहर भाग गए। फैक्ट्री के मजदूर दूसरी मंजिल पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने वहां घायलों को तुरंत बाहर निकाला। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई।
घायलों को सीएमसी पहुंचाया। जहां चार लोगों की हालत काफी गंभीर है। अभी तक यह भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि फैक्ट्री के अंदर सीज फायर सिस्टम लगा है या नहीं। फायर ब्रिगेड विभाग इस मामले की जांच करने में जुटा हुआ है।
उधर, डिप्टी डायरेक्टर फैक्ट्री मोहित सिंगला का कहना है कि इस हादसे की पूरी जांच पड़ताल की जाएगी और रिपोर्ट बना कर विभाग को भेजी जाएगी।