फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब कला भवन में रविवार की शाम रही सूफीयाना, अरुण फरीदी ने पेश किया सूफी कलाम

Mon, 25 Jul 2016 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
विज्ञापन
arun faridi at punjab kala bhawan - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
चंडीगढ़ संगीत व नाटक अकादमी की ओर से रविवार को पंजाब कला भवन में दिल्ली के युवा कलाकार अरुण फरीदी ने सूफी कलाम पेश का माहौल को सूफियाना बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत अरुण ने वंदना ‘अरज सुनो मोरी, मोरी पिया से’ की। इसके बाद बाबा शेख फरीद का कलाम ‘तुरैयां-तुरैयां जा फीरदां’ पेश किया। बाबा बुल्ले शाह का कलाम ‘मेरी बुकल विच चोर’ ने  तो कार्यक्रम में जान डाल दी।
विज्ञापन


इसके बाद दोबारा बुल्ले शाह का कलाम ‘रांझा जोगीणा बण आया’ को पेश किया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अरुण ने हजरत अमीर खुसरो की कलाम ‘छाप तिलक सब छिनी’ पेश किया और दमा दम मस्त कलंदर भी पेश किया। तबले पर इनका साथ राय सिंह,कीबोर्ड पर कृष्ण, पैड पर संदीप ने इनका बखूबी साथ निभाया वहीं सहायक गायकों में अमन, साहिल व राजवंत सिंह शामिल रहे।

15 सालों से  गायकी से जुड़े, हंसराज हंस का मिला सहयोग
अरुण फरीदी ने बताया कि संगीत मुझे विरासत में मिला। पिता और दादा से संगीत की शुरुआती शिक्षा ली। इसके बाद ग्वालियर घराने के गुरु उस्ताद देव दिलदार से पूरी  शिक्षा ली।  वहीं अरुण ने बताया कि गायक हंस राज हंस ने भी कई अहम मौकाें पर उनका हौसला बढ़ाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें