‘गड्डी चढ़न दी काहल बड़ी’ नाटक का मंचन
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पंजाब कला भवन में थिएटर फार थिएटर विंटर नेशनल थिएटर फेस्टिवल की शुरुआत रविवार को हुई। फेस्टिवल सात दिन चलेगा और हर दिन अलग अलग थिएटर ग्रुप के कलाकाराें की ओर से नाटकों का मंचन किया जा रहा हैं।
पहले दिन निर्देशक केवल धालीवाल का ‘गड्डी चढ़न दी काहल बड़ी ’ नाटक का मंचन हुआ। इस नाटक में पंजाब की चार प्रमुख कहानियां- सुख दी घड़ी , पाला पौदा सप, राम गौ और गलत औरत का उपयोग किया गया है।
नाटक में दिखाया गया कि कैसे आजकल के युवक और युवतियां उज्ज्वल भविष्य की तलाश में अपना देश छोड़कर विदेश निकल जाते हैं। वहां पर उन्हें किन हालात का सामना करना पड़ता है, कैसी परिस्थितियां होती हैं, उनके रहन सहन की दिक्कताें को दर्शाता है। नाटक में बताया गया कि आजकल के युवक और युवतियां अपने सुनहरे भविष्य के लिए कई बार बहुत गलत निर्णय ले लेते हैं।
जिसका असर उनकी निजी जिंदगी और परिवार पर पड़ता हैं। इन परिस्थितियाें मेें सबसे ज्यादा स्त्री को ही सहना पड़ता है। नाटक में दीप मनदीप, गुरिंदर, पवेल संघू, सुखविंदर विर्क, गुरतेज मान, पृत्पाल पाली, सर्बजीत सिंह, कार्तिक, सार्थक, हरिंदर सोहल ने अभिनय किया।