कैप्टन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जहरीली शराब की दुखद घटना की मजिस्ट्रेटी जांच तीन सप्ताह में मुकम्मल होगी और इस मामले में संलिप्त सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। तरनतारन के निवासी की तरफ से किए सवाल कि नकली शराब कांड के पीड़ित परिवारों द्वारा उनसे मिलते समय क्या बताया गया? मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सजा चाहते हैं।
चाहे पीड़ित परिवारों की तरफ से यह मांग नहीं की गई लेकिन उनकी तरफ से वित्तीय सहायता का एलान किया गया। डिप्टी कमिश्नर को यह यकीनी बनाने के निर्देश दिए गए हैं कि परिवारों को जिस चीज की भी जरूरत हो, वह मुहैया करवाई जाए। भले ही नौकरी ही क्यों न हो या घरों की हालत में सुधार। उन्होंने कहा कि हम पीड़ित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता से भी बढ़कर सोच रहे हैं। राज्य से नकली शराब की समस्या को जड़ से ख़त्म किया जाएगा। उन्होंने पंजाब पुलिस प्रमुख को नकली शराब के तस्करों को पकड़ने के निर्देश भी दिए।
फरीदकोट में मरीज की मौत की जांच के आदेश
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने फरीदकोट मेडिकल कालेज में गैर-कोविड मरीज डॉ. परविंदर की मौत के मामले में उप-कुलपति को जांच करने के आदेश दिए क्योंकि डाक्टरों ने फाइल का काम मुकम्मल होने और कोविड की रिपोर्ट आने तक उसका इलाज करने से इंकार कर दिया था, जबकि वह सांस लेने में कठिनाई की तकलीफ से जूझ रहा था। मृतक की पत्नी डॉ. नीता पांडु, जो अबोहर से हैं, के प्रति गहरी हमदर्दी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मरीज का इलाज हर सूरत में होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।