फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंडियन आइडल की तर्ज पर निकलेंगे पंजाब आइडल, देखिए क्या-क्या होगा खास?

Wed, 14 Jun 2017 10:13 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
Navjot singh sidhu - फोटो : File Photo
विज्ञापन
पंजाब में भी नई प्रतिभाओं की खोज के लिए इंडियन आइडल या अमेरिकन आइडल की तर्ज पर पंजाब आइडल शुरू किया जाएगा। इससे नए सोलो रिकॉर्डिंग आर्टिस्ट तलाश किए जाएंगे। विजेता का चयन भी टीवी दर्शक, फोन और इंटरनेट के जरिए करेंगे। इस तरह पंजाब सरकार नए कलाकारों को लॉन्च करेगी। पंजाब की नई कल्चरल पॉलिसी में इस योजना को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
विज्ञापन


पर्यटन मंत्री नवजोत सिद्धू ने पॉलिसी का खाका तैयार कर लिया है। आखिरी चरण में कला व संस्कृति से जुड़ीं नामी शख्सीयतों के सुझाव शामिल करने के बाद जून के अंत में यह पॉलिसी लागू कर दी जाएगी। पॉलिसी में फिल्म सिटी स्थापित करने को तरजीह दी गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि फिल्म सिटी एयरपोर्ट के पास ही बनेगी। अगर पठानकोट एयरपोर्ट नहीं शुरू हुआ तो मोहाली में बनाई जाएगी। यहां शूटिंग के लिए आने वाले प्रोड्यूसर्स को सिंगल विंडो क्लियरेंस दिया जाएगा। पॉलिसी के मुताबिक सरकार कलाकारों की सुध लेगी। उनके लिए समाज सुरक्षा स्कीम शुरू की जाएगी, ताकि उन्हें नियमित रूप से कुछ आर्थिक सहायता की जा सके। पॉलिसी में कहा गया है कि सरकार साइंस में शिक्षा को अहमियत देती है। लेकिन ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंस को कम नहीं आंका जा सकता, इनको बढ़ावा दिया जाएगा। सभ्याचार के जरिए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए, जिसके लिए एनआरआई को टारगेट किया जाएगा। 

चुनिंदा शहरों में कल्चर सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां प्रदर्शनी, लाइव परफॉर्मेंस, पुस्तक मेले आयोजित हो सकेंगे। गुरु-शिष्य परंपरा को दोबारा जीवित किया जाएगा। राज्य के परंपरागत खेल और मार्शल आर्ट गतका को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सिद्धू बार-बार जोर दे रहे हैं कि पॉलिसी का मकसद नौजवानों को जोड़ना है। पॉलिसी में भी बच्चों और नौजवानों को अपने विरसे से जोड़ने पर फोकस दिया गया है। विरासते-खालसा की तरह विरासते-पंजाब म्यूजियन बनाया जाएगा। लाइव परफॉर्मेंस को प्रोत्साहित करने को इन पर मनोरंजन कर खत्म किया जाएगा। पायरेसी पर लगाम लगाने को बनेगा कानून।
विज्ञापन
विज्ञापन

विजुअल आर्ट्स के लिए

Navjot singh sidhu - फोटो : अमर उजाला
विजुअल आर्ट्स के लिए
- छोटे शहरों में सिंगल स्क्रीन सिनेमा के लिए सरकार सहायता देगी।
- मोहाली में एक कलाकार द्वारा बनाए स्कल्पचर म्यूजियम को सरकार अडॉप्ट करेगी।
- फुलकारी, जुत्ती, दरी जैसी परंपरागत कलाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

परफॉर्मिंग आर्ट्स के लिए
- संगीत नाटक अकादमी को मजबूत बनाया जाएगा
- विरासती इमारतों में ड्रामा परफॉर्मेंस शुरू की जाएंगी
- जिलों में ओपन एयर थिएटर खोले जाएंगे
- लोक संगीत का म्यूजियम स्थापित किया जाएगा

साहित्य के लिए
- भाषा विभाग और पंजाबी साहित्य अकादमी को मजबूत बनाया जाएगा
- बाल साहित्य को प्रोत्साहित किया जाएगा
- विश्व साहित्य का पंजाबी में अनुवाद करवाया जाएगा
- जिलास्तर पर लाइब्रेरी खोली जाएंगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें