पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में 18 से 44 वर्ष के आयुवर्ग के स्वास्थ्य कर्मचारियों के परिवारों और सह-रोगों से पीड़ित परिवारों के लिए शुक्रवार से टीकाकरण शुरू करने का एलान किया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि वह प्राथमिकता वाले वर्गों के लिए चिन्हित स्कूलों व अन्य इमारतों में टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करे ताकि सरकारी अस्पतालों में भीड़ बढ़ने से महामारी के फैलाव को रोका जा सके।
विशेषज्ञ समूह के विशेष इनवायटी डॉ. गगनदीप कंग ने कैबिनेट को बताया कि आंकड़ों में देखा गया है कि टीके कोरोना की किस्म बी.1.617 के विरुद्ध और कोरोना वायरस के खिलाफ उम्मीद से ज्यादा बेहतर काम कर रहे हैं। इसके लिए टीकाकरण प्रोग्राम की विशेष जरूरत है। डॉ. कंग ने सुझाव दिया कि टीकाकरण की प्राथमिकता सूची में मोटापे से ग्रस्त लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
पंजाब को मिले 192 चिकित्सा अधिकारी
कोरोना संक्रमण के बीच पंजाब के स्वास्थ्य विभाग को 192 नए चिकित्सा अधिकारियों की सौगात मिली है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि तीन साल में स्वास्थ्य विभाग में 10 हजार रिक्त पदों को भरा जा चुका है।
सिद्धू ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग कुशलता से इस महामारी को नियंत्रित करने के लिए लड़ रहा है, लेकिन कोविड मामलों की बढ़ती संख्या के कारण हमें और अधिक कुशलता से लोगों की सेवा करने के लिए अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग आवश्यक श्रमशक्ति से खुद को लैस करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।