एडवाइजरी में साफ किया है कि लॉकडाउन में बुजुर्ग अपने पड़ोसियों से बात कर सकते हैं। लेकिन उन्हें सामाजिक दूरी के निर्देशों का पालना करना होगा। उन्हें पेंटिंग, संगीत सुनने या पढ़ने की रूचि पैदा करनी चाहिए। जो बुजुर्ग अपनी देखभाल नहीं कर सकते हैं। ऐसे में उनकी देखभाल करने वालों की भूमिका अहम हो जाती है।
देखभाल करने वालों का बुजुर्गों के साथ संबंध बढ़िया होने चाहिए। वहीं, बुजुर्गों की मदद करने वालों को खुद को साफ सुथरा रखना चाहिए। साथ ही मास्क पहनने चाहिए। सैनिटाइजर का प्रयोग करना चाहिए। वहीं हमेशा छूने वाली सतह की अच्छे से सफाई की जाए।
बुजुर्ग खाना से आनकानी करे तो डॉक्टर से संपर्क करे
बुजुर्गों की देखभाल करने वाले को हाथ धोने में मदद करना चाहिए। यदि बुजुर्ग को खांसी, बुखार या भोजन खाना नहीं चाहते हैं तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। एडवाइजरी में ओल्ड ऐज होम की जिम्मेदारी भी तय की गई है कि वह दवाइयों के जरूरी स्टाक को यकीनी बनाए। डॉक्टरों से बाकायदा मुलाकात करें।
एक अलग कमरे को आइसोशेल वार्ड के रूप में रखे। साथ ही बाथरूम, रसोई के निर्माण को यकीनी बनाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति पॉजिटिव पाया जाता है। जिसका किसी व्यक्ति के साथ संपर्क हुआ था। इस मामले की रिपोर्ट हेल्पलाइन नंबर 104 व स्टेट कंट्रोल रूम नंबर 01722920074/08872090029 पर की जा सकती है।