कर्मचारी द्वारा दाखिल अपील को बिना कारण बताए खारिज करने के मामलों की बढ़ती संख्या पर सख्त रवैया अपनाते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीएसपीसीएल के एमडी को तलब कर लिया है। हाईकोर्ट के समक्ष एक मामला पहुंचा, जिसमें याची ने बताया कि वह पंजाब स्टेट्स पावर कॉर्पोरेशन लि. (पीएसपीसीएल) में कार्यरत है और सजा के तौर पर उसका चार इंक्रीमेंट रोकने का आदेश दिया गया था।
इस आदेश के खिलाफ अपीलेट अथॉरिटी में याचिका दाखिल की गई, लेकिन वहां पर भी कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उसने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने अपीलेट अथॉरिटी को आदेश दिया था कि वह याची के जवाब पर गौर करें और निर्णय लें। इसके बाद अपीलेट अथॉरिटी ने याची को सुनवाई का मौका तो दिया लेकिन सजा का कारण नहीं बताया। इसके बाद फिर से याची ने हाईकोर्ट की शरण ली है।
हाईकोर्ट ने आदेश को देखा तो पाया कि यह आदेश स्पीकिंग ऑर्डर नहीं है। कोर्ट ने कहा कि देखने में आ रहा है कि विस्तृत आदेश जारी कर सभी तथ्यों व कारणों को स्पष्ट नहीं किया जा रहा है। ऐसा होने के चलते हाईकोर्ट पर याचिकाओं का बोझ बढ़ रहा है। हाईकोर्ट ने पीएसपीसीएल के एमडी को अगली सुनवाई पर हाजिर होकर इसका जवाब देने का आदेश दिया है।