गीतांजलि मर्डर केस में सीजेएम रवनीत गर्ग गिरफ्तार
- फोटो : फाइल फोटो
गुरुग्राम के बहुचर्चित गीतांजलि मर्डर केस में निलंबित सीजेएम रवनीत गर्ग को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। मामले में राहत की आस लेकर हाईकोर्ट पहुंचे रवनीत गर्ग की जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। पंचकूला स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद रवनीत ने हाईकोर्ट की शरण ली थी।
हाईकोर्ट ने माना की रवनीत गर्ग मामले में सीबीआई के पास पर्याप्त सबूत है,इसलिए जमानत की मांग अस्वीकार करना जरूरी है। इसी के साथ हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एक महीने के भीतर आरोप तय व छह माह में इस मामला का ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया है। अपने आदेशों में हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट की इस मामले में की गई टिप्पणियों पर गौर किए बिना ट्रायल पूरा करे।
पंचकूला की सीबीआई कोर्ट गर्ग की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है और इस मामले में रवनीत गर्ग के पिता व सेवानिवृत्त सेशन जज कृष्ण गर्ग एवं माता रचना गर्ग भी आरोपी हैं, जिन्हें कोर्ट से पहले ही नियमित जमानत मिल चुकी है। सीबीआइ ने इस केस में रवनीत गर्ग, केवल कृष्ण गर्ग एवं रचना गर्ग के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। रवनीत गर्ग पर शस्त्र अधिनियम के भी चार्ज लगाए हैं।
रवनीत पिछले कई दिनों से जेल में बंद है। सीबीआइ ने झूठ का पता लगाने और सिविल जज सीनियर डिवीजन रवनीत गर्ग की ब्रेन मेपिंग टेस्ट में कई विसंगतियों होने के चलते रवनीत गर्ग को 8 सितंबर 2016 को गिरफ्तार किया था। रवनीत गर्ग और उनके परिवार के खिलाफ दहेज उत्पीडन का मामला दर्ज किया गया था।