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200 साल पुरानी इस दरगाह को हटाने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, मिली बड़ी राहत

Sun, 22 Jan 2017 04:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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नौगजा पीर
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200 साल पुराने नौ गजा पीर की दरगाह को हटाए जाने का मामला पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से याचियों को बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने दरगाह को हटाने पर रोक लगा दी है।
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इसके साथ ही अदालत ने हरियाणा के मुख्य सचिव, पीडब्ल्यूडी विभाग के सचिव, अंबाला के जिला मजिस्ट्रेट, कार्यकारी इंजीनियर, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को 23 फरवरी के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने समाधि स्थल के रेवेन्यू रिकार्ड को भी तलब किया है। जस्टिस एमएमएस बेदी ने रोक का आदेश मामले को लेकर परमधाम नौ गजा पीर बाबा चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रबंधक विजय शुक्ला की ओर से एडवोकेट समीर सचदेवा के जरिये दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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23 अक्तूबर 2015 को अंबाला पीडब्ल्यूडी के एसडीई ने याची को नोटिस जारी कर कहा था कि यह जगह पीडब्ल्यूडी की है। इस पर कब्जा लिया जाना है। ऐसे में इसे खाली कर दिया जाए।

धार्मिक होने के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थल भी है

नौगजा पीर
याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया गया कि यह न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि ऐतिहासिक स्थल भी है। इस स्थल से सभी धर्म के लोगों की आस्था जुड़ी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां एक संत ने साधना की थी, जोकि नौ फुट लंबे थे।

1923 में जब उनकी मृत्यु हुई तो उसकेबाद उनकी समाधि बना दी गई। तब से इस जगह से लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। वर्ष 2015 तक कामकाज बिना किसी व्यवधान के चलता रहा। बिजली, पानी और सीवर तक का कनेक्शन इस स्थान के नाम पर है। ट्रस्ट कई सामाजिक कार्यों से जुड़ा रहा है।

याचिका में बताया गया कि यह स्थान नेशनल हाईवे पर होने के कारण इस पर भू-माफिया की नजर पड़ गई। तभी से यहां की परेशानियां शुरू हो गईं। 23 अक्तूबर 2015 को अंबाला पीडब्ल्यूडी के एसडीई ने याची को नोटिस जारी कर कहा कि यह जगह पीडब्ल्यूडी की है। इस पर कब्जा लिया जाना है। ऐसे में इसे खाली कर दिया जाए।
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पिछले साल दिए गए थे खाली करने के निर्देश

नौगजा पीर
बता दें कि गत वर्ष 23 मार्च को यह कहते हुए इस जगह को खाली करने को कहा गया कि यह जगह नेशनल हाईवे की जगह पर बनी हुई है। इसके बाद सात अक्टूबर को पीडब्ल्यूडी के एसडीई ने बिजली विभाग को यहां का कनेक्शन काटे जाने के लिए पत्र लिख दिया।

इसके खिलाफ याची ने अंबाला की जिला अदालत में आदेश को चुनौती दी। जिला अदालत ने 28 नवंबर को बिजली कनेक्शन काटे जाने के आदेश पर रोक लगा दी थी। रोक के बावजूद हाल ही में 10 जनवरी को इस स्थल को खाली करवाये जाने का एक और नोटिस भेज दिया गया।
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