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खुद को दुर्गा बताती है, आत्माओं से बात करती है, अब कानूनी पचड़े में फंसी 'राधे मां', बढ़ी मुश्किलें

Fri, 21 Sep 2018 08:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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radhe maa
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खुद को दुर्गा बता चुकी है। आत्माओं से बात करने का दावा करती है राधे मां, और अब इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस वजह से वे एक कानूनी पचड़े में फंस गई हैं। पंजाब पुलिस ने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट को बताया कि राधे मां द्वारा वॉयस सैंपल देने से इनकार करने के बाद उनके वॉयस सैंपल टीवी इंटरव्यू से लेकर सीएसएफएल चंडीगढ़ भेजे गए हैं।
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इन सैंपल के साथ ही सुरिंदर मित्तल द्वारा सौंपे गए वॉयस सैंपल का मैच करवाकर आगे कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने अब एसएफएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट तलब कर ली है। याचिका दाखिल करते हुए सुरिंदर मित्तल ने वर्ष 2015 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि राधे मां धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही हैं। वे खुद को मां दुर्गा का अवतार बताती हैं और लोगों को धर्म के नाम पर गुमराह करती हैं।

अक्सर ही वे हाथ में त्रिशूल लिए मां दुर्गा का वेश धारण कर जागरणों में पहुंच जाती हैं। इसे लेकर याचिकाकर्ता ने एसएसपी कपूरथला को शिकायत भी दी गई थी परंतु कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद याचिकाकर्ता ने उनके बारे में आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई।
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आरटीआई में मिली ये सब जानकारी

राधे मां
आरटीआई में उनके परिवार के भी आपराधिक मामलों में लिप्त होने की बात सामने आई। इसी बीच एक महिला ने उन्हें मुंबई से फोनकर बताया कि राधे मां उसके पति के साथ मिलकर उसे प्रताड़ित कर रही हैं। इसके लिए उन्हें राधे मां के खिलाफ सुबूत चाहिए। जब राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर को इस बारे में पता चला तो उन्होंने याचिकाकर्ता को लालच दिलवाया कि वे ऐसा नहीं करें।

जब याची नहीं माना तो अचानक एक रात साढ़े चार बजे उसे राधे मां का फोन आया। याची से उन्होंने पूछा कि उसे क्या चाहिए, जो चाहिए उसे मिल जाएगा। याचिकाकर्ता ने इससे इनकार कर दिया। याचिकाकर्ता का दावा है कि इसी बीच लगातार राधे मां के उसके पास आने लगे। राधे मां से जब उसने पूछा कि आखिर क्यों बार-बार कॉल करती हो तो उन्होंने कहा कि उन्हें याची की कॉलर ट्यून पसंद है।

इसके बाद धीरे-धीरे उन्होंने कहा कि वे याची को पसंद करती हैं। याची ने इन सभी कॉल की रिकार्डिंग कर ली और कहा कि यदि अब उसे परेशान किया तो वो इसे पुलिस को दे देगा। इसके बाद उसे धमकियां दी जाने लगी। इन सभी मामलों को एसएसपी के संज्ञान में लाया गया और उनसे राधे मां के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई। एसएसपी की ओर से जब कोई कदम नहीं उठाया गया तो हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।
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कानून के अनुसार कार्रवाई करने के आदेश

राधे मां - फोटो : amar ujala
हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए एसएसपी को आदेश दिए कि वे याचिकाकर्ता की शिकायत सुने और कानून के अनुरूप आगे कार्रवाई करें। कार्रवाई न होने पर याचिकाकर्ता ने दोबारा हाईकोर्ट की शरण लेते हुए अवमानना याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान अब पुलिस ने बताया है कि राधे मां ने वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया था।

इसके बाद उनके एक इंटरव्यू से वॉयस सैंपल लेकर शिकायकर्ता द्वारा सौंपी गई रिकार्डिंग से इनका मिलान करने के लिए इन्हें एसएफएल चंडीगढ़ भेज दिया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर सुनवाई नवंबर तक स्थगित करते हुए अगली सुनवाई पर इस रिपोर्ट को हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।
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