पंजाब यूनिवर्सिटी की बदहाल वित्तीय स्थिति पर लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि डीयू और जेएनयू को टक्कर देने वाली यूनिवर्सिटी से सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है। आखिर क्यों टॉप यूनिवर्सिटी में शामिल पीयू आज भी बदहाल है। इस पर कोर्ट को बताया गया कि दो दिन बाद चांसलर, पंजाब के गवर्नर, चंडीगढ़ के प्रशासक तथा वीसी की बैठक होगी। इसमें पीयू की आर्थिक स्थिति पर चर्चा होगी। हाईकोर्ट ने कहा कि इस बैठक के बाद ही सुनवाई ज्यादा बेहतर होगी।
पीयू पर सौ करोड़ का अतिरिक्त बोझ
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि सातवां वेतन आयोग लागू करने के आदेशों के बाद से पीयू के लिए बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि वेतन आयोग का लाभ देने के साथ ही दो साल का एरियर भी देना होगा। इससे पीयू पर एकदम से 100 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ गया है और हर साल यदि यह बोझ देखें तो 33 करोड़ के लगभग होगा। इसी बाबत 10 नवंबर को भारत के उपराष्ट्रपति व पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, चंडीगढ़ के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल और पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर तीनों की एक बैठक है जिसमें इस विषय पर चर्चा की जाएगी।