पंजाब में वैवाहिक और अन्य कार्यक्रमों में गन कल्चर और अश्लील गानों के बढ़ते चलन पर हाईकोर्ट ने सख्त रूख अपनाते हुए सरकार को फटकार लगाई। अंकुश के लिए सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई न करने के आरोपों वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई है। पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने वीरवार को केस की सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि सरकार लोगों से आजादी का अधिकार कैसे छिनने दे सकती है।
सुबह-शाम लाउड स्पीकरों पर तेज ध्वनि में संगीत बजाया जाता है। वहीं रात में शादियों व पार्टियों में डीजे का शोर लोगों को परेशान करता है। हाईकोर्ट ने कहा कि आज हर घर में टीवी है, हर किसी को हक है कि वह जो चाहे वह सुने और देखे। इस प्रकार लाउड स्पीकर और डीजे का शोक सहन करने के लिए कोई किसी को कैसे बाध्य कर सकता है।
हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा कि क्या गन कल्चर और ऐसे शोर के जरिये लोगों को परेशान करने वालों पर सीआरपीसी के सेक्शन 124 के तहत कोई कार्रवाई की गई है। सूबे में ऐसे कितने लोगों के खिलाफ अब तक कानूनी कार्रवाई कर उन्हें सजा दी गई । पंजाब सरकार ने कहा कि उनके पास यह आंकड़ा मौजूद नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने यह ब्यौरा तलब कर लिया है।
इस दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या सरकार के पास इस बारे में कोई नीति मौजूद है? सरकार ने बताया कि उनके पास ऐसी कोई नीति नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस बारे में जल्द ठोस नीति बनाने के आदेश दिए हैं।